Prayagraj Police : नफीस की मौत के बाद भी चलती रहेगी, जांच, काॅल डीटेल्स और खातों पर नजर
अतीक गिरोह के फाइनेंस नफीस बिरयानी की मौत के साथ ही कई राज दफन हो गए। हालांकि, पुलिस उसकी अवैध काली कमाई की जांच बंद करने नहीं जा रही है। नफीस को एनकाउंटर के बाद जब पकड़ा गया था तो खुलासा हुआ था कि वह अतीक के जेल जाने के बाद से शाइस्ता को हर महीने 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंचाता था।
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अतीक गिरोह के फाइनेंसर नफीस बिरयानी की भले ही मौत हो गई हो लेकिन अवैध लेनदेन की जांच होती रहेगी। पुलिस उसके कॉल डीटेल्स और खातों के साथ ही अवैध लेनदेन की जांच कर रही है। नफीस बिरयानी बेचने के साथ ही रियल इस्टेट का धंधा भी कर रहा था। इसके साथ ही विवादित जमीनों की खरीद फरोख्त से भी वह मोटा पैसा बना रहा था। हालांकि उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा अतीक के परिवार और उसके गुर्गों के पास जा रहा था। नफीस की काली कमाई के बाद पुलिस बहुत जल्द ही उसे कस्टडी रिमांड पर लेने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई।
अतीक गिरोह के फाइनेंस नफीस बिरयानी की मौत के साथ ही कई राज दफन हो गए। हालांकि, पुलिस उसकी अवैध काली कमाई की जांच बंद करने नहीं जा रही है। नफीस को एनकाउंटर के बाद जब पकड़ा गया था तो खुलासा हुआ था कि वह अतीक के जेल जाने के बाद से शाइस्ता को हर महीने 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंचाता था। इतना ही नहीं परिवार वालों को हवाई जहाज से गुजरात ले जाने और उन्हें फाइव स्टार होटलों में रुकवाने की भी जिम्मेदारी नफीस के पास ही थी।
साबरमती जेल ले जाकर अतीक से उसके परिजनों को मिलवाता था नफीस
शाइस्ता और उसके बेटे जब साबरमती जेल में अतीक से मिलने जाते तो नफीस खुद ही उन्हें लेकर जाता। पूछताछ के बाद पुलिस ने कुछ पुराने हवाई टिकट और होटलों के बिल भी बरामद किए थे। इसके अलावा यह भी पता चला था कि वह अतीक के मुख्य गुर्गों पर भी पैसे खर्च करता था। बदले मे अतीक का नाम लेकर विवादित जमीनों की खरीद फरोख्त से मोटा पैसा कमाता था। पुलिस ने नफीस की गिरफ्तारी के बाद उसके हाल के वर्षों में ट्रांजैक्शन, उसके और परिवार वालों के बैंक खातों की जांच शुरू की थी। इसी संबंध में पूछताछ के लिए पुलिस ने उसे कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए प्रार्थनापत्र देने की योजना बनाई थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई।