Prayagraj : सिविल लाइंस में पैरामेडिकल कॉलेज संचालक पर फर्जी डिग्री देने का आरोप, साइबर क्राइम में एफआईआर दर्ज
सिविल लाइंस स्थित एक पैरामेडिकल कॉलेज के संचालकों पर छात्रों के साथ धोखाधड़ी कर फर्जी डिग्री और मार्कशीट देने का आरोप लगा है। पीड़िता ने साइबर क्राइम थाने में कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. अंसार अहमद समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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सिविल लाइंस स्थित एक पैरामेडिकल कॉलेज के संचालकों पर छात्रों के साथ धोखाधड़ी कर फर्जी डिग्री और मार्कशीट देने का आरोप लगा है। पीड़िता ने साइबर क्राइम थाने में कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. अंसार अहमद समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
एफआईआर के अनुसार, मूलरूप से प्रतापगढ़ की रहने वाली छात्रा आंचल सरोज ने 25 नवंबर 2025 को कॉलेज में बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (बीएमएलटी) कोर्स में प्रवेश लिया था। प्रवेश के समय कॉलेज प्रबंधन ने दावा किया कि संस्थान मेरठ के एक विश्वविद्यालय से संबद्ध है। आरोप है कि प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा के समय छात्रों का कोर्स बिना अनुमति बी वोक (एमएलटी) में बदल दिया। विरोध करने पर कॉलेज प्रबंधन ने इसी कोर्स की डिग्री देने की बात कही। शिकायत में कहा गया कि परीक्षा कॉलेज परिसर के बजाय छात्रों से उनके मोबाइल फोन पर एक लिंक के माध्यम से दिलाई गई।
बाद में उसी लिंक से परिणाम और मार्कशीट डाउनलोड कराई गई। संदेह होने पर विश्वविद्यालय से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे छात्रों को संबद्धता और जारी की गई डिग्रियों की वैधता पर शक हुआ। वर्तमान में 50 से अधिक छात्र-छात्राएं फीस वापसी की मांग कर रहे हैं। आरोप लगाया गया कि कॉलेज ने प्रवेश के दौरान वितरित पंपलेट में भ्रामक जानकारी दी और भारत सरकार का उपक्रम जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर छात्रों को गुमराह किया। डीसीपी साइबर क्राइम सागर जैन ने बताया कि छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर कोर्स बदलने का आरोप लगाया है, मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।