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Prayagraj News : हैंडओवर से पहले ही नवनिर्मित थाना भवन की बाउंड्रीवॉल ढही, गुणवत्ता पर उठे सवाल

Fri, 08 Aug 2025 10:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 08 Aug 2025 10:44 PM IST
सार

जनपद में शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश में फाफामऊ थाना के नवनिर्मित भवन की मजबूती के दावे भी बह गए। थाना परिसर की करीब 70 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल एक झटके में भरभराकर ढह गई।

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Prayagraj News: Boundary wall of newly constructed police station building collapsed even before handover
तेज बारिश में धराशायी हुई फाफामऊ थाने की नवनिर्मित चहारदीवारी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जनपद में शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश में फाफामऊ थाना के नवनिर्मित भवन की मजबूती के दावे भी बह गए। थाना परिसर की करीब 70 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल एक झटके में भरभराकर ढह गई। गनीमत रही कि उस समय आसपास कोई मौजूद नहीं था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल इस घटना से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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यह थाना भवन बेला कछार में 10.04 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से बनाया जा रहा है। दिसंबर 2022 में निर्माण कार्य की शुरुआत हुई थी। निर्माण का कुल समय दो साल तय किया गया था और दिसंबर 2024 तक कार्य पूरा कर लिया जाना था। नए भवन को 2024 में ही पुलिस विभाग को हैंडओवर किया जाना था लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
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बारिश और बाढ़ को ठहराया जिम्मेदार

कार्यदायी संस्था के महाप्रबंधक (प्रयागराज) सुरेश चंद्र यादव ने घटना के पीछे भारी बारिश और बाढ़ का पानी आने को मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा अत्यधिक बारिश और बाढ़ का पानी थाना परिसर में भर जाने से मिट्टी का कटाव हो गया। यही वजह रही कि शुक्रवार को लगातार हुई बारिश में दीवार एक ओर झुककर गिर गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है और मलबा हटाने का कार्य जारी है।

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निर्माण में अनियमितता के आरोप

जिम्मेदार अफसर एक ओर बारिश व बाढ़ को घटना का कारण बता रहे हैं। वहीं आरोप यह भी लग रहे हैं कि नवनिर्मित इमारत की चहारदीवारी का इस तरह ढह जाना निर्माण में अनियमितताओं की ओर इशारा करता है। आरोप है कि नींव और मिट्टी को मजबूत करने के लिए पर्याप्त तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। आशंका यह भी है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ, जिसके कारण बारिश के एक झटकेे में भी दीवार टिक नहीं सकी।

हैंडओवर की प्रक्रिया में और बढ़ सकता है समय

परियोजना की लागत और समय सीमा पर नजर डालें तो निर्माण कार्य 2024 के भीतर पूरा होना था मगर 2025 में सात महीने बीतने के बाद भी हैंडओवर नहीं हो पाया है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि अंतिम निरीक्षण, फिनिशिंग कार्य और कुछ तकनीकी सुधार के कारण हैंडओवर में देरी हो रही थी। अब दीवार गिरने के बाद यह प्रक्रिया और लंबी खिंचने की संभावना है।

जांच की उठ रही मांग

इस घटना के बाद जांच कराए जाने की भी मांग हो रही है। कहा जा रहा है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने सरकारी भवन का यह हाल निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। यदि जांच में अनियमितता की बात सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

होने चाहिए थे अतिरिक्त सुरक्षा उपाय

शुक्रवार को ढही दीवार थाना भवन के जिस हिस्से में थी वह सीधे मुख्य सड़क की ओर खुलती है। दीवार गिरने से थाना परिसर अब एक तरफ से खुल गया है। जानकार कह रहे हैं कि यह क्षेत्र बाढ़ प्रवाह क्षेत्र में आता है और इस भूमि पर पहले से ही जलभराव की समस्या रहती है। ऐसे में निर्माण डिजाइन में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए थे।

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