Prayagraj magh mela 2021: संगम की रेती पर माघ मेला बसाने को शासन की मंजूरी
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संगम की रेती पर माघ मेला-2021 के आयोजन को शुक्रवार को शासन ने मंजूरी दे दी। दोपहर एनआईसी सभागार में प्रयागराज मेला प्राधिकरण की बैठक में मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संगम तट पर संतों-भक्तों के समागम के रूप में माघ मेला बसाने के लिए सहमति प्रदान की। पिछले वर्ष की तुलना में माघ मेले का आकार 30 प्रतिशत घटाने के लिए कहा गया। कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए संक्रमण रोकने के पुख्ता इंतजामों के साथ चार सेक्टर में माघ मेला बसाया जाएगा।
एनआईसी सभागार में दोपहर 12 बजे के बाद माघ मेला प्राधिकरण की बैठक आरंभ हुई। सबसे पहले मेला प्रशासन की ओर से मुख्य सचिव को विभागवार तैयारियों से अवगत कराया गया गया। माघ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष मंडलायुक्त आर रमेश कुमार की मौजूदगी में रूपरेखा प्रस्तुत की गई। मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने माघ मेला के आयोजन के प्रस्ताव को सहमति प्रदान की।
साथ ही उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए हर स्तर पर तैयारियां कर ली जाएं। इस दौरान पिछले वर्ष की तुलना में मेले का आकार 30 प्रतिशत घटाने की बात कही गई। करीब 67 करोड़ रुपये की लागत से चार सेक्टर में माघ मेला बसाने के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद विभागवार तैयारियां करने निर्देश दिया गया। संतों-भक्तों के समागम वाले मेले के लिए गंगा पर तीन पांटून पुल बनाए जाएंगे। हालांकि सुगम यातायात और सुरक्षा की दृष्टि से पांटून पुलों की संख्या बढ़ाने की भी बात कही गई।
अफसरों ने कहा कि कल्पवासियों की संख्या को घटाया नहीं जा सकता है। ऐसे में सामाजिक, सांस्कृतिक संस्थाओं को बुलाने से परहेज किए जाने के आसार हैं। माघ मेला की इस बैठक में मंडलायुक्त के अलावा नगर आयुक्त रवि रंजन, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता हिमांशु मित्तल, यूपीपीसीएल के मुख्य अभियंता ओपी यादव, जल निगम के अधीक्षण अभियंता एपी यादव समेत अन्य अफसर उपस्थित थे।