Prayagraj Junction : रेलवे स्टेशनों पर पहली बार 15 भाषाओं में होगा एनाउंसमेंट, एनसीआर प्रशासन कर रहा इंतजाम
प्रयागराज हिंदी भाषी क्षेत्र है। ऐसे में दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के समक्ष भाषा का संकट न आए उसके लिए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने महाकुंभ के दौरान पहली बार संगम नगरी के रेलवे स्टेशनों पर हिंदी, अंग्रेजी समेत तमाम प्रांतों में बोली जाने वाली 15 भाषाओं में एनाउंसमेंट कराने की तैयारी की है।
विस्तार
महाकुंभ में देश के तमाम प्रांतों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के समक्ष भाषा का संकट न आए इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन एक खास इंतजाम करने जा रहा है। देश में पहली बार प्रयागराज में रेलवे हिंदी, अंग्रेजी ही नहीं बल्कि 15 प्रमुख भाषाओं में एनाउंसमेंट करवाएगा। यह व्यवस्था प्रयागराज जंक्शन के साथ संगम क्षेत्र में रेलवे द्वारा बनाए जाने वाले शिविरों में भी की जा रही है। महाकुंभ के दौरान देश और विदेश में रहने वाले लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन ट्रेनों के माध्यम से होना है। इसमें काफी संख्या में ऐसे श्रद्धालु भी होंगे जो तमिलनाड़, केरल, कर्नाटक, तेलगांना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, असम आदि राज्यों से आएंगे।
प्रयागराज हिंदी भाषी क्षेत्र है। ऐसे में दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के समक्ष भाषा का संकट न आए उसके लिए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने महाकुंभ के दौरान पहली बार संगम नगरी के रेलवे स्टेशनों पर हिंदी, अंग्रेजी समेत तमाम प्रांतों में बोली जाने वाली 15 भाषाओं में एनाउंसमेंट कराने की तैयारी की है। हालांकि, भाषाओें की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।
कई भाषाओं में एनाउंसमेंट के लिए रेलवे एक साॅफ्टवेयर भी तैयार कर रहा है। इसकी मदद से प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज छिवकी आदि रेलवे स्टेशनों पर हिंदी, अंग्रेजी के साथ कोंकणी, गुजराती, बंगाली, ओड़िआ, असमिया, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, पंजाबी, मणिपुरी, मराठी आदि भाषाओं में भी एनाउंसमेंट हो सकेगा।
इससे दूसरे प्रांतों से आने वाले यात्रियों को खासी सुविधा मिलेगी। रेलवे द्वारा यह सुविधा मेला क्षेत्र में बनाए जाने वाले शिविरों में भी दी जाएगी। यहां बनाए जाने वाले दोनों शिविरों में 15 भाषाओं में एनाउंसमेंट होगा। प्रयागराज मंडल के डीआरएम हिमांशु बडोनी का कहना है कि यात्री सुविधा के मद्देनजर इस बार महाकुंभ के लिए काफी नए इंतजाम किए जा रहे हैं। कई भाषाओं में एनाउंसमेंट कराने की भी तैयारी है।