Prayagraj : सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी एसआरएन अस्पताल से फरार, जेल वार्डर निलंबित
दीपक नैनी के डांडी स्थित पदम इनक्लेव का रहने वाला है और मूल रूप से प्रतापगढ़ केउदयपुर थाना क्षेत्र स्थित मगैती गांव का निवासी है। पिछले साल उस पर सामूहिक दुष्कर्म का एक मामला दर्ज हुआ था। जिसमें बीते छह मार्च को उसे सिविल लाइंस पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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केंद्रीय कारागार नैनी से इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी बंदी दीपक पाल रविवार सुबह फरार हो गया। वह वार्ड में टहल रहा था और इसी दौरान सुरक्षा में लगे जवानों को चकमा देकर भाग निकला। पुलिस दिनभर तलाश में जुटी रही लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस मामले में आरोपी सिपाही के खिलाफ कोतवाली थाने में अभिरक्षा से फरार होने के आरोप में केस दर्ज कराया गया है।
दीपक नैनी के डांडी स्थित पदम इनक्लेव का रहने वाला है और मूल रूप से प्रतापगढ़ केउदयपुर थाना क्षेत्र स्थित मगैती गांव का निवासी है। पिछले साल उस पर सामूहिक दुष्कर्म का एक मामला दर्ज हुआ था। जिसमें बीते छह मार्च को उसे सिविल लाइंस पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल प्रशासन के मुताबिक, 18 मई को अचानक खून की उल्टियां होने पर उसे इलाज के लिए एसआएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
यहां जेल वार्डर अर्जुन प्रसाद सरोज और जिला पुलिस में तैनात रविकांत को उसकी सुरक्षा में लगाया गया था। वह एसआरएन अस्पताल के पुरानी बिल्डिंग में तीसरे तल पर स्थित वार्ड में भर्ती था। रविवार सुबह छह बजे के करीब अचानक वह वार्ड से निकलकर गलियारे में टहलने लगा। इस दौरान दोनों सुरक्षाकर्मी भी वहीं मौजूद थे। तभी कोई व्यक्ति सुरक्षाकर्मियों से दूसरे वार्ड के बारे में पूछने लगा और इसी दौरान मौका देखकर दीपक वहां से भाग निकला।
पुलिस के जवान पीछे दौड़े लेकिन पकड़ नहीं सके
नजर पड़ते ही सुरक्षा में लगे दोनों जवान शोर मचाते हुए दौड़े लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। घंटों खोजबीन के बाद भी जानकारी नहीं मिलने पर जेल प्रशासन व पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर कोतवाली पुलिस भी तलाश में जुटी रही लेकिन कुछ पता नहीं चला। सीओ सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि आरोपी बंदी के खिलाफ जेल प्रशासन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी तलाश में एसओजी को भी लगाया गया है।
सुरक्षा में लगे जेल वार्डर अर्जुन प्रसाद को निलंबित किया गया है। साथ ही पुलिसकर्मी रविकांत के संबंध में जिला पुलिस को रिपोर्ट भेजी जा रही है। - पीएन पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक