उपलब्धि : पढ़ाई छोड़ शिप्रा गिरि ने पकड़ा था बल्ला, अब उम्मीदों ने चूमा आसमान
भारतीय महिला क्रिकेट चयन समिति ने ऑस्ट्रेलिया में होने वाली मल्टी फॉर्मेट क्रिकेट सीरीज के लिए इंडिया की 18 सदस्यीय टीम में संगमनगरी की स्पोर्ट्स टैलेंट क्रिकेट अकादमी की खिलाड़ी शिप्रा गिरि का चयन किया है। वह विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में पिच पर उतरेंगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंडिया ए टीम में चयनित महिला क्रिकेटर शिप्रा गिरि की उम्मीदें आसमान छू रही हैं। उनका सपना आने वाले समय में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने का है। मुहल्ले के मैदान एकेडमी होते हुए अब अंतरराष्ट्रीय पिच पर उतरने तक के सफर को तय कर उनका जुनून सातवें आसमान पर है। वह क्रिकेट के मैदान पर दुनिया में भारत का मान बढ़ना चाहती हैं।
ए टीम में चयननित होने के बाद अमर उजाला से बातचीत में शिप्रा ने अपनी भावनाओं को खुलकर साझा किया। वह बताती हैं कि उनकी जिंदगी में एक दौर ऐसा भी आया था जब उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इस दौरान करियर बनाने के लिए पढ़ाई छोड़कर उन्होंने क्रिकेट को चुना। वह कहती हैं कि कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास जारी रखा जाए तो इंसन हर ख्वाब पूरे कर सकता है। यह वजह है कि अब उन्हें अपने फैसले पर फक्र महसूस हो रहा है।
वर्ष 2016 में बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज अपने करियर की शुरुआत करने वाली शिप्रा गिरि की मुहल्ले की गलियों से लेकर इंडिया ए टीम तक पहुंचने का संघर्ष बेहद दिलचस्प रहा है। कभी मोहल्ले में क्रिकेट खेलने वाली शिप्रा बताती हैं कि उन्हें ऊंचाई तक पहुंचने के लिए एक अकादमी की तलाश थी।
फेसबुक के जरिए क्रिकेट कोच अजय यादव से संपर्क हुआ और फिर वह स्पोर्ट्स टैलेंट क्रिकेट अकादमी के मैदान तक पहुंच सकीं। अपने ट्रायल और अभ्यास मैच में पहले ही दिन आड़े- तिरछे बल्ले से शतक लगा कर उन्होंने अन्य खिलाडि़यों को चौंका दिया था। फिर क्या था कोच ने क्रिकेट की बारीकियां सिखाने के साथ ही मेहनत करने को प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया।
उपलब्धियों का अंबार लगाने वाली शिप्रा ने सबसे पहले स्कूली क्रिकेट के साथ सफर की शुरुआत की । पहले ही साल एसजीएफआई की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रयागराज मंडल को चैंपियन बनने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और स्कूली नेशनल खेलों के लिए चयनित हुईं। फिर क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
बोर्ड ट्रॉफी में अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की टीम में जगह बनाई। बीतते समय के साथ अंडर- 23 और सीनियर टीम में भी शिप्रा ने जगह बनाई। इस दौरान उम्दा प्रदर्शन की बदौलत शिप्रा को जीसीए और एमसीए कैंप करने का भी अवसर मिला। जहां बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शिप्रा ने अंतत: भारतीय ए टीम में अपनी जगह बना ली।
बेटी की सफलता पर नम आंखों से बहुत कुछ कह गई मां
खुल्दाबाद स्थित शिप्रा के आवास पर अमर उजाला की टीम पहुंची तो घर की खुशियां देखते ही बन रही थीं। पूरे घर में पिता, बहन, भाई और मां का कलेजा शिप्रा की कामयाबी पर सौ गज चौड़ा नजर आ रहा था। मां नम आंखों से बेटी की सफलता बयां करती रहीं।
मां रीता गिरि बताती हैं कि जब शिप्रा छोटी थी तो वह लकड़ी के पटरे से क्रिकेट खेलती थी। समय के साथ क्रिकेट में उसकी बढ़ती दिलचस्पी ने उसके हाथों में क्रिकेट का बल्ला पकड़ा दिया। अब मुझे अपनी बेटी पर नाज है। उसने अपने बचपन के सपने को सच में तब्दील कर दिया। मेरा आशीर्वाद और प्यार हमेशा मेरी उसके साथ है।
मैं अपनी बेटी की इस उपलब्धि से बहुत खुश हूं। एक समय ऐसा भी था, जब लॉकडाउन के दौरान शिप्रा सही से क्रिकेट का अभ्यास न कर पाने के कारण निराश हो गई थी। इसके बाद मैने कॉलोनी में ही नेट और पिच बनवाकर बेटी के अभ्यास का बंदोबस्त किया था।-राम दुलार गिरि, शिप्रा के पिता
दीदी मेरे लिए प्रेरणा है। मेरी दिलचस्पी क्रिकेट खेलने में नहीं रही, लेकिन दीदी का क्रिकेट के प्रति जो समर्पण था, वह मुझे हमेशा जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। -सिमरन गिरि, छोटी बहन
शिप्रा मेरे लिए हमेशा भाई की तरह ही रही है। बचपन में वह मेरे साथ कॉलोनी में क्रिकेट खेलने जाती थी। जब उसने मुझसे पहली बार क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन के लिए कहा तो मैने मना कर दिया था, लेकिन जब वह जिद करने लगी तब मैने एकेडमी में उसका एडमिशन करवाया। सच कहूं तो अब मुझे अपने इस फैसले पर गर्व महसूस हो रहा है। -शुभम गिरि, भाई
टीम इंडिया महिला क्रिकेट ए टीम में हुआ है शिप्रा का चयन
भारतीय महिला क्रिकेट चयन समिति ने ऑस्ट्रेलिया में होने वाली मल्टी फॉर्मेट क्रिकेट सीरीज के लिए इंडिया की 18 सदस्यीय टीम में संगमनगरी की स्पोर्ट्स टैलेंट क्रिकेट अकादमी की खिलाड़ी शिप्रा गिरि का चयन किया है। वह विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में पिच पर उतरेंगी।
इंडिया ए टीम ऑस्ट्रेलिया में 50 ओवर के तीन टी-20 और एक चार दिवसीय मैच खेलेगी। सात,नौ और 11 अगस्त से एलन बॉर्डर फील्ड और ब्रिस्बेन में टी-20 मैच, 14, 16 और 18 अगस्त को वनडे मैच और 22 से 24 अगस्त तक चार दिवसीय मैच गोल्ड कोस्ट में खेले जाएंगे।
शिप्रा अभी हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ बोर्ड प्रेसिंडेंट इलेवन के लिए भी चयनित हुई थीं। शिप्रा ने बीते वर्षो में अंडर -19, अंडर- 23 और सीनियर वीमेंस की बोर्ड ट्राफी प्रतियोगिता में यूपीसीए की ओर से खेला था। शिप्रा ने अपने खेल की बदौलत और विकेट के पीछे दस्तानों से शानदार प्रदर्शन के कारण एनसीए कैंप में भी जगह बनाई।
वर्ष 2016 में स्पोर्ट्स टैलेंट क्रिकेट अकादमी में क्रिकेट कोच अजय यादव की निगरानी में पिच पर उतरने वाली शिप्रा ने शुरूआती दौर में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू कर दिया था। आक्रामक बल्लेबाजी और विकेट के पीछे चीते जैसी फुर्ती लेकर उतरने वाली शिप्रा ने लगातार शानदार प्रदर्शन जारी रखा। अपने करियर के मैचों में बड़ी-बड़ी पारियां खेलने वाली शिप्रा ने प्रयागराज की लीग प्रतियोगिता में भी उम्दा शतकीय पारियां खेली हैं।
मुझे बहुत खुशी है कि मैं इंडिया ए टीम में चयनित हुई हूं। आगे इंडिया के मेन टीम का हिस्सा बनना मेरा सपना है। कॉलोनी से ग्राउंड फिर अकेडमी से अब इंटरनेशनल ग्राउंड के सफर को तय करना मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं। मेरी जिंदगी में एक दौर ऐसा भी आया था जब मैने पढ़ाई को छोड़कर क्रिकेट को चुना और सच कहुं तो आज मुझे अपने फैसले पर फर्क महसूस हो रहा है। - शिप्रा गिरि, क्रिकेट खिलाड़ी