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इंजीनियर का कत्ल: रात 2:40 आया, करीब 3:15 बजे मारी गोली, 50 मिनट अंदर रहा कातिल; प्रयागराज हत्याकांड की कहानी
Sun, 30 Mar 2025 11:46 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 30 Mar 2025 11:46 AM IST
सार
प्रयागराज में भारतीय वायुसेना के मध्य वायु कमान बमरौली स्थित मुख्यालय परिसर में हत्या से सनसनी फैल गई। कातिल कमांडर वर्क इंजीनियर के आवास के चप्पे-चप्पे से वाकिफ था। सीसीटीवी में दिखा हत्यारा वायुसेना परिसर में करीब 50 मिनट तक रहा।
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prayagraj murder
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रयागराज में भारतीय वायुसेना के मध्य वायु कमान बमरौली स्थित मुख्यालय परिसर में कमांडर वर्क इंजीनियर की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। कमांडर वर्क इंजीनियर सत्येंद्र नारायण मिश्र का हत्यारा उनके सरकारी आवास से पूरी तरह वाकिफ था।
सुनियोजित साजिश के तहत उसने हत्या से पहले आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के तार काटे। पीछे की ओर 10 फीट ऊंची कंटीले तार वाली बाहरी दीवार से उस जगह फांदकर घुसा, जहां से आवास की दूरी सबसे कम है। फुटेज में दिख रहा है कि वह वारदात से पहले कुछ देर तक आवास के चारों ओर घूमा भी था।
पुलिस को कमांडर वर्क इंजीनियर के आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में हत्या की वारदात के तौर-तरीके और हत्यारे के बारे में काफी कुछ जानकारियां मिली हैं। फुटेज बताता है कि मुंह पर कपड़ा बांधकर आए हत्यारे ने गोली मारने से पहले सीसीटीवी फुटेज का तार काट दिया था।
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इसके पहले उसने सामने के दरवाजे पर लगी घंटी बजाई और उसे तोड़ने का भी प्रयास किया। इसके बाद वह घर का चक्कर लगाते हुए पीछे के दरवाजे पर पहुंच गया। इस दरवाजे को भी उसने खटखटाया और जबरदस्ती खोलने का प्रयास किया। फिर बाहर से ही धक्का देकर खिड़की खोल दी।
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सुनियोजित साजिश के तहत उसने हत्या से पहले आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के तार काटे। पीछे की ओर 10 फीट ऊंची कंटीले तार वाली बाहरी दीवार से उस जगह फांदकर घुसा, जहां से आवास की दूरी सबसे कम है। फुटेज में दिख रहा है कि वह वारदात से पहले कुछ देर तक आवास के चारों ओर घूमा भी था।
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पुलिस को कमांडर वर्क इंजीनियर के आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में हत्या की वारदात के तौर-तरीके और हत्यारे के बारे में काफी कुछ जानकारियां मिली हैं। फुटेज बताता है कि मुंह पर कपड़ा बांधकर आए हत्यारे ने गोली मारने से पहले सीसीटीवी फुटेज का तार काट दिया था।
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इसके पहले उसने सामने के दरवाजे पर लगी घंटी बजाई और उसे तोड़ने का भी प्रयास किया। इसके बाद वह घर का चक्कर लगाते हुए पीछे के दरवाजे पर पहुंच गया। इस दरवाजे को भी उसने खटखटाया और जबरदस्ती खोलने का प्रयास किया। फिर बाहर से ही धक्का देकर खिड़की खोल दी।
सत्येंद्र नारायण मिश्र के सीने को चीर गई गोली
यहां से लौटकर वह फिर सामने के दरवाजे की ओर आया और सीसीटीवी कैमरे का तार काट दिया। माना जा रहा है कि इसके बाद ही उसने पीछे के दरवाजे के पास स्थित खिड़की से गोली चलाई, जो सत्येंद्र नारायण मिश्र के सीने को चीर गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी वायु सेना परिसर की बाहरी दीवार को फांदकर अंदर घुसा था। दीवार लांघने के लिए उसने ऐसी जगह को चुना, जिसके पास ही बाहर की ओर एक पेड़ स्थित है। आशंका है कि उसने पेड़ का सहारा लेकर ही दीवार को लांघा होगा। यहां से अफसर का घर भी सबसे नजदीक है।
यहां से लौटकर वह फिर सामने के दरवाजे की ओर आया और सीसीटीवी कैमरे का तार काट दिया। माना जा रहा है कि इसके बाद ही उसने पीछे के दरवाजे के पास स्थित खिड़की से गोली चलाई, जो सत्येंद्र नारायण मिश्र के सीने को चीर गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी वायु सेना परिसर की बाहरी दीवार को फांदकर अंदर घुसा था। दीवार लांघने के लिए उसने ऐसी जगह को चुना, जिसके पास ही बाहर की ओर एक पेड़ स्थित है। आशंका है कि उसने पेड़ का सहारा लेकर ही दीवार को लांघा होगा। यहां से अफसर का घर भी सबसे नजदीक है।
इन बातों को देखते हुए माना जा रहा है कि हत्यारा अफसर के आवास व आसपास के स्थान से पूरी तरह वाकिफ था। उसे मालूम था कि घर में दो दरवाजे हैं। बाहरी दीवार किस जगह से फांदकर सबसे कम समय में अफसर के घर तक पहुंचा जा सकता है, उसे यह भी पता था। अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजयपाल शर्मा का कहना है कि प्रारंभिक जांच-पड़ताल में ऐसा प्रतीत होता है कि हत्यारोपी मृतक के आवास से पूरी तरह परिचित था। फिलहाल, हर पहलू की जांच की जा रही है।
50 मिनट परिसर के भीतर रहा हत्यारा
पुलिस की जांच में यह अहम बात यह सामने आई है कि सीसीटीवी में दिखा हत्यारा वायुसेना परिसर में करीब 50 मिनट तक रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रात में लगभग 2:40 मिनट पर वह परिसर में प्रवेश करते नजर आया। इसके बाद 20 से 25 मिनट तक वह परिसर व अफसर के आवास के इर्द-गिर्द घूमता रहा। भोर में 03 से 3:15 के बीच उसने वारदात अंजाम दी और फिर आखिरी बार 3:30 बजे के करीब फुटेज में नजर आया।
पुलिस की जांच में यह अहम बात यह सामने आई है कि सीसीटीवी में दिखा हत्यारा वायुसेना परिसर में करीब 50 मिनट तक रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रात में लगभग 2:40 मिनट पर वह परिसर में प्रवेश करते नजर आया। इसके बाद 20 से 25 मिनट तक वह परिसर व अफसर के आवास के इर्द-गिर्द घूमता रहा। भोर में 03 से 3:15 के बीच उसने वारदात अंजाम दी और फिर आखिरी बार 3:30 बजे के करीब फुटेज में नजर आया।
सीने में दाहिनी तरफ मारी गई गोली, हो गई थी आरपार
अफसर के शव का पोस्टमार्टम दोपहर बाद कराया गया। वीडियोग्राफी के बीच दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान पता चला कि गोली उनके सीने में दाहिनी तरफ मारी गई जो पार हो गई थी। सूत्रों ने कहा, पुलिस ने मौके से खोखा बरामद किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आशंका इस बात की भी है कि गोली .32 बोर की पिस्टल से चलाई गई।
अफसर के शव का पोस्टमार्टम दोपहर बाद कराया गया। वीडियोग्राफी के बीच दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान पता चला कि गोली उनके सीने में दाहिनी तरफ मारी गई जो पार हो गई थी। सूत्रों ने कहा, पुलिस ने मौके से खोखा बरामद किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आशंका इस बात की भी है कि गोली .32 बोर की पिस्टल से चलाई गई।
वारंट अफसर की तहरीर पर अज्ञात में केस
वायु सेना मुख्यालय में तैनात वारंट अफसर राकेश कुमार तोमर ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि 29 मार्च की रात 3 से 3:15 बजे के बीच अज्ञात शख्स ने सीडब्ल्यूई एसएन मिश्र को गोली मारी थी। उन्हें सैनिक अस्पताल प्रयागराज भेजा गया था। वहां उनकी मौत हो गई।
वायु सेना मुख्यालय में तैनात वारंट अफसर राकेश कुमार तोमर ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि 29 मार्च की रात 3 से 3:15 बजे के बीच अज्ञात शख्स ने सीडब्ल्यूई एसएन मिश्र को गोली मारी थी। उन्हें सैनिक अस्पताल प्रयागराज भेजा गया था। वहां उनकी मौत हो गई।
वायुसेना कैंपस में कमांडर वर्क इंजीनियर की गोली मारकर हत्या
भारतीय वायुसेना के मध्य वायु कमान बमरौली स्थित मुख्यालय परिसर में शनिवार को दुस्साहसिक वारदात हुई। यहां सैन्य अभियंत्रण सेवा(एमईएस) के कमांडर वर्क इंजीनियर सत्येंद्र नारायण मिश्र (51) की उनके सरकारी आवास के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारंट अफसर की तहरीर पर अज्ञात में केस दर्ज किया गया है। भोर में तीन बजे पहुंचे हत्यारे ने खिड़की से गोली दागी और निकल भागा। हत्या क्यों और किसने की, इसका पता नहीं चल सका। पुलिस अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है।
भारतीय वायुसेना के मध्य वायु कमान बमरौली स्थित मुख्यालय परिसर में शनिवार को दुस्साहसिक वारदात हुई। यहां सैन्य अभियंत्रण सेवा(एमईएस) के कमांडर वर्क इंजीनियर सत्येंद्र नारायण मिश्र (51) की उनके सरकारी आवास के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारंट अफसर की तहरीर पर अज्ञात में केस दर्ज किया गया है। भोर में तीन बजे पहुंचे हत्यारे ने खिड़की से गोली दागी और निकल भागा। हत्या क्यों और किसने की, इसका पता नहीं चल सका। पुलिस अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है।
सत्येंद्र नारायण मूलरूप से रोहतास, बिहार के ग्राम हरनाथपुर पोस्ट कोचस के रहने वाले थे। वह मध्य वायु कमान के बमरौली स्थित मुख्यालय परिसर में बने सरकारी आवास में पत्नी वत्सला व बेटे मानवेंद्र (15) संग रहते थे। बेटी कावेरी (20) लखनऊ में रहती है। घटना की जानकारी पर पहुंचे भतीजे अभिनव मिश्रा ने बताया कि भोर में तीन बजे के करीब किसी ने दरवाजे की घंटी बजाई। नींद में होने की वजह से पहली बार चाचा-चाची ने इसे अनसुना कर दिया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
दोबारा घंटी बजने पर चाचा उठकर कमरे से निकलकर हॉल में आए। तभी किसी ने खिड़की से फायर कर दिया। गोली सीने में लगते ही चाचा चीखते हुए भागकर बगल के कमरे में गए, जहां बेटा सो रहा था। बेटा उठा तो उसे बताया कि उन्हें गोली लगी है। इसके बाद वह जमीन पर गिर पड़े। पत्नी-बेटे के शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे और फिर उन्हें मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया। वहां करीब ढाई घंटे तक चले इलाज के बाद उन्होंने सुबह छह बजे दम तोड़ दिया।
दोबारा घंटी बजने पर चाचा उठकर कमरे से निकलकर हॉल में आए। तभी किसी ने खिड़की से फायर कर दिया। गोली सीने में लगते ही चाचा चीखते हुए भागकर बगल के कमरे में गए, जहां बेटा सो रहा था। बेटा उठा तो उसे बताया कि उन्हें गोली लगी है। इसके बाद वह जमीन पर गिर पड़े। पत्नी-बेटे के शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे और फिर उन्हें मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया। वहां करीब ढाई घंटे तक चले इलाज के बाद उन्होंने सुबह छह बजे दम तोड़ दिया।
उधर, जानकारी पर पूरामुफ्ती पुलिस के साथ एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ.अजयपाल शर्मा व डीसीपी नगर अभिषेक भारती मौके पर पहुंचे। मौका मुआयना के बाद परिजनों के अलावा दोनों अफसरों ने वायुसेना अफसरों से भी बातचीत की। फिलहाल, इसका पता नहीं चल सका कि हत्या क्यों और किसने की। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम परिजन शव लेकर पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए।
फुटेज में दिखा हत्यारा, कपड़े से ढंक रखा था चेहरा
पुलिस के मुताबिक कमांडर वर्क इंजीनियर के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में हत्यारा नजर आया है। उसने चेहरा कपड़े से ढंक रखा था। प्रारंभिक जांच में यह भी बात सामने आई कि वह तीन मीटर ऊंची दीवार फांदकर परिसर के भीतर और फिर अफसर के आवास तक पहुंचा था। पुलिस देर शाम तक उसके बारे में पता लगाने में जुटी रही।
पुलिस के मुताबिक कमांडर वर्क इंजीनियर के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में हत्यारा नजर आया है। उसने चेहरा कपड़े से ढंक रखा था। प्रारंभिक जांच में यह भी बात सामने आई कि वह तीन मीटर ऊंची दीवार फांदकर परिसर के भीतर और फिर अफसर के आवास तक पहुंचा था। पुलिस देर शाम तक उसके बारे में पता लगाने में जुटी रही।
बिहटा (पटना), दरभंगा और गोरखपुर की भी थी जिम्मेदारी
सत्येंद्र नारायम मिश्र एमईएस में सीनियर इंजीनियर रैंक के अफसर थे। 11 जुलाई 2000 में वह इस सेवा में आए। प्रयागराज में नवंबर 2022 से तैनात थे। उनके पास वायुसेना स्टेशन बमरौली के अलावा बिहटा (पटना), दरभंगा, गोरखपुर में भी सैन्य बलों के लिए बुनियादी ढांचे की डिजाइन, निर्माण व रखरखाव की जिम्मेदारी थी।
सत्येंद्र नारायम मिश्र एमईएस में सीनियर इंजीनियर रैंक के अफसर थे। 11 जुलाई 2000 में वह इस सेवा में आए। प्रयागराज में नवंबर 2022 से तैनात थे। उनके पास वायुसेना स्टेशन बमरौली के अलावा बिहटा (पटना), दरभंगा, गोरखपुर में भी सैन्य बलों के लिए बुनियादी ढांचे की डिजाइन, निर्माण व रखरखाव की जिम्मेदारी थी।
एक व्यक्ति सीसीटीवी फुटेज में नजर आया है, जिसकी उम्र 20-25 साल लग रही है। फिलहाल, वही मुख्य संदिग्ध है और उसे चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना की वजह उसके पकड़े जाने के बाद ही पता चल सकेगी। परिजन किसी विवाद के बाबत जानकारी नहीं दे पाए हैं।-डॉ. अजयपाल शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध
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