प्रयागराज : कानपुर देहात की घटना पर कांग्रेसियों ने फूंका पुतला, पुलिस से हुई नोकझोंक
कानपुर की घटना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन के तहत बुधवार को सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन किया तथा बुलडोजर के चित्र जलाए।
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कानपुर की घटना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन के तहत बुधवार को सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन किया तथा बुलडोजर के चित्र जलाए। इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में बुलडोजर की तख्तियां लेकर पहुंचे थे। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही बुलडोजर के चित्र जलाए। कांग्रेसियों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और पूरी घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की।
कई अन्य संगठनों की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन की घोषणा की गई थी। इसे देखते हुए धरना स्थल पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। बुलडोजर के चित्र फूंकने से रोकने पर कार्यकर्ताओं एवं पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। प्रदर्शन करने वालों में गंगापार के अध्यक्ष सुरेश यादव, अरुण तिवारी, प्रदीप मिश्रा अंशुमन, मुकुंद तिवारी, विवेकानंद पाठक, सुधाकर तिवारी, उज्वल शुक्ला, संजय तिवारी, हसीब अहमद, इरशाद उल्ला, मो.हसीन आदि शामिल रहे। एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदेश महासचिव अजय पांडेय, अभिनव तिवारी, हरिकेश हैरी, आदर्श भदौरिया आदि शामिल रहे।
एआईएमआईएम कानपुर देहात में बुलडोजर चलाने की घटना की निंदा
कानपुर देहात रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव में कृष्ण गोपाल दीक्षित के मकान पर बुलडोजर चलाने की घटना की एआईएमआईएम ने कड़ी निंदा की है। महानगर अध्यक्ष एवं प्रवक्ता अफ़सर महमूद व पूर्व युवा महानगर अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद ने कहा कि प्रशासन के लोग इस घटना को अंजाम दिए हैं उनकी लापरवाही की वजह से दो लोगों की मृत्यु हो गई है। उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।