{"_id":"63bc5a2aa39c94730e36e327","slug":"prayagraj-clean-chit-to-friends-named-in-crpf-jawan-s-death-allahabad-news-ald3501974139","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj : सीआरपीएफ जवान की मौत में नामजद दोस्तों को क्लीन चिट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj : सीआरपीएफ जवान की मौत में नामजद दोस्तों को क्लीन चिट
विज्ञापन
सीआरपीएफ जवान की मौत में नामजद दोस्तों को क्लीन चिट
पुलिस ने मुकदमे में लगाई अंतिम रिपोर्ट, परिजनों ने उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। कैंट में सीआरपीएफ जवान प्रशांत त्रिपाठी उर्फ पंकज (45) की मौत के मामले में नामजद उसके तीन दोस्तों को क्लीन चिट दे दी गई है। पुलिस ने इस मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी है। उधर, जवान के परिजनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पुलिस पर आरोप लगाए हैं।
छह दिसंबर को जवान की संदिग्ध हाल में गोली लगने से मौत हो गई थी। वह रात में पड़ोस में रहने वाले दोस्त मोनू उर्फ जीतेंद्र के घर गया था, जहां दो अन्य दोस्त भी थे। इसी दौरान उसे गोली लग गई थी। परिजन उसे इलाज के लिए लखनऊ ले गए थे जहां उसकी मौत हो गई थी।
मामले में जवान की पत्नी नीलम त्रिपाठी की तहरीर पर जितेंद्र उर्फ मोनू, राज ओझा, विनय यादव पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस का दावा है कि विवेचना के दौरान वादी की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। साथ ही यह बात सामने आई कि मृतक ने खुद को गोली मारी। ऐसे में मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई है।
विज्ञापन
उधर, मृतक के भाई प्रवास त्रिपाठी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। साथ ही कैंट पुलिस पर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पुलिस एक कारण बताए कि प्रशांत खुद को गोली क्यों मारेगा? उसका कहना है कि वह होशोहवास में शाम 6.05 मिनट पर मोनू के कमरे में पहुंचा था। 6.45 तक उसने लोगों से बेहद सामान्य तरीके से बात भी की है।
प्रवास ने यह भी सवाल उठाया है कि चार लोगों के बीच में खुद को गोली मारने की घटना कब सामने आई है? मामले में कैंट इंस्पेक्टर रुकुमपाल सिंह ने बताया कि विवेचना में जो भी तथ्य सामने आए हैं, उसके आधार पर कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
पुलिस ने मुकदमे में लगाई अंतिम रिपोर्ट, परिजनों ने उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। कैंट में सीआरपीएफ जवान प्रशांत त्रिपाठी उर्फ पंकज (45) की मौत के मामले में नामजद उसके तीन दोस्तों को क्लीन चिट दे दी गई है। पुलिस ने इस मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी है। उधर, जवान के परिजनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पुलिस पर आरोप लगाए हैं।
छह दिसंबर को जवान की संदिग्ध हाल में गोली लगने से मौत हो गई थी। वह रात में पड़ोस में रहने वाले दोस्त मोनू उर्फ जीतेंद्र के घर गया था, जहां दो अन्य दोस्त भी थे। इसी दौरान उसे गोली लग गई थी। परिजन उसे इलाज के लिए लखनऊ ले गए थे जहां उसकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
मामले में जवान की पत्नी नीलम त्रिपाठी की तहरीर पर जितेंद्र उर्फ मोनू, राज ओझा, विनय यादव पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस का दावा है कि विवेचना के दौरान वादी की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। साथ ही यह बात सामने आई कि मृतक ने खुद को गोली मारी। ऐसे में मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई है।
विज्ञापन
उधर, मृतक के भाई प्रवास त्रिपाठी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। साथ ही कैंट पुलिस पर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पुलिस एक कारण बताए कि प्रशांत खुद को गोली क्यों मारेगा? उसका कहना है कि वह होशोहवास में शाम 6.05 मिनट पर मोनू के कमरे में पहुंचा था। 6.45 तक उसने लोगों से बेहद सामान्य तरीके से बात भी की है।
प्रवास ने यह भी सवाल उठाया है कि चार लोगों के बीच में खुद को गोली मारने की घटना कब सामने आई है? मामले में कैंट इंस्पेक्टर रुकुमपाल सिंह ने बताया कि विवेचना में जो भी तथ्य सामने आए हैं, उसके आधार पर कार्रवाई की गई है।