फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj: Bail plea of Atiq's close aide Block Chief Muzaffar rejected, 35 cases including Gangster Act

Prayagraj : अतीक के करीबी ब्लॉक प्रमुख मुजफ्फर की जमानत अर्जी खारिज, गैंगस्टर एक्ट समेत 35 मुकदमे हैं दर्ज

Sat, 28 Mar 2026 02:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 28 Mar 2026 02:07 PM IST
सार

जिला अदालत ने कौड़िहार ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट सिद्धार्थ कुमार वागव ने दिया। आरोपी मोहम्मद मुजफ्फर के खिलाफ फूलपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।

विज्ञापन
Prayagraj: Bail plea of Atiq's close aide Block Chief Muzaffar rejected, 35 cases including Gangster Act
गोस्करी का आरोपी मुजफ्फर। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जिला अदालत ने कौड़िहार ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट सिद्धार्थ कुमार वागव ने दिया। आरोपी मोहम्मद मुजफ्फर के खिलाफ फूलपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।

विज्ञापन


अभियोजन के अनुसार आरोपी मोहम्मद मुजफ्फर एक संगठित गिरोह का सरगना है, जो मवेशी तस्करी, उगाही, धोखाधड़ी और धमकी जैसे अपराधों में लिप्त है। यह गिरोह बिहार से पश्चिम बंगाल तक मवेशियों की तस्करी कर अवैध तरीके से वध कर मांस बेचता था और उससे अर्जित धन को आपस में बांटता था। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध गोवध निवारण अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया। बाद में गिरोह की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
विज्ञापन


वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी निर्दोष है। उसे राजनीतिक द्वेष में फंसाया गया है और वह क्षेत्र का निर्वाचित ब्लॉक प्रमुख है। वह 13 नवंबर 2025 से जेल में निरुद्ध है और किसी भी मामले में उसपर दोष सिद्ध नहीं हुआ है। सरकारी अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ 2001 से अब तक 35 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह संगठित अपराध में संलिप्त है, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत जमानत पर विचार किया जा सकता है, लेकिन यह संतुष्टि कि आरोपी अपराध नहीं करेगा, महत्वपूर्ण शर्त है। आरोपी का आपराधिक इतिहास और पहली जमानत अर्जी खारिज होने के मद्देनजर यह नहीं कहा जा सकता कि वह जमानत पर रिहा होने के बाद अपराध नहीं करेगा। अदालत ने दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed