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बकरीद पर अटाला के स्लाटर हाउस को तीन दिन खोलने की गुहार
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-मुस्लिम धर्म गुरुओं की ऑनलाइन बैठक में कुर्बानी को बताया गया अनिवार्य
प्रयागराज। बकरीद पर कुर्बानी की रस्म अदा करने के लिए प्रशासन से 10 से 12 अगस्त तक तीन दिन के लिए अटाला के स्लाटर हाउस को पूरी तरह खोलने की मुसलिम धर्म गुरुओं ने गुहार लगाई है। शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सुन्नी मरकजी रुयत-ए-हिलाल कमेटी कदीम चौक जामा मस्जिद की ऑनलाइन मीटिंग में कुर्बानी के महत्व पर विस्तार से रोशनी डाली गई। हदीसों के हवाले से कुर्बानी को हर मुसलमान के लिए जरूरी रस्म बताते हुए स्लाटर हाउस को खोलने की अपील की गई।
शहर काजी ने कहा कि हर आकिल, बालिग, मोकिम, साहिब-ए-निसाब मुसलमान पर कुर्बानी के दिनों में तयशुदा मख्सूस जानवरों की कुर्बानी करना वाजिब और अनिवार्य है। कुर्बानी के बदले करोड़ों रुपये बी अगर खुदा की राह में दान, सदका कर दिए जाएं तो भी उसकी बराबरी नहीं की जा सकती। इसीलिए पूरी दुनिया के मुसलमान बकरीद पर जोशो खरोश के साथ कुर्बानी करते आए हैं। मुफ्ती ने कहा कि कुर्बानी के दौरान नगर निगम के सहयोग से पूरी साफ-सफाई रखी जाएगी और कोविड-19 के नियमों का पूरा पालन किया जाएगा। इस ऑनलाइन बैठक में हजरत मौलाना सैयद रईस,मुफ्ती शुएब, मुफ्ती जाहिद आलम, मौलाना इमाम हसन, मौलाना गुलाम जिलानी, मौलाना अहमद रजा जुड़े रहे।
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प्रयागराज। बकरीद पर कुर्बानी की रस्म अदा करने के लिए प्रशासन से 10 से 12 अगस्त तक तीन दिन के लिए अटाला के स्लाटर हाउस को पूरी तरह खोलने की मुसलिम धर्म गुरुओं ने गुहार लगाई है। शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सुन्नी मरकजी रुयत-ए-हिलाल कमेटी कदीम चौक जामा मस्जिद की ऑनलाइन मीटिंग में कुर्बानी के महत्व पर विस्तार से रोशनी डाली गई। हदीसों के हवाले से कुर्बानी को हर मुसलमान के लिए जरूरी रस्म बताते हुए स्लाटर हाउस को खोलने की अपील की गई।
शहर काजी ने कहा कि हर आकिल, बालिग, मोकिम, साहिब-ए-निसाब मुसलमान पर कुर्बानी के दिनों में तयशुदा मख्सूस जानवरों की कुर्बानी करना वाजिब और अनिवार्य है। कुर्बानी के बदले करोड़ों रुपये बी अगर खुदा की राह में दान, सदका कर दिए जाएं तो भी उसकी बराबरी नहीं की जा सकती। इसीलिए पूरी दुनिया के मुसलमान बकरीद पर जोशो खरोश के साथ कुर्बानी करते आए हैं। मुफ्ती ने कहा कि कुर्बानी के दौरान नगर निगम के सहयोग से पूरी साफ-सफाई रखी जाएगी और कोविड-19 के नियमों का पूरा पालन किया जाएगा। इस ऑनलाइन बैठक में हजरत मौलाना सैयद रईस,मुफ्ती शुएब, मुफ्ती जाहिद आलम, मौलाना इमाम हसन, मौलाना गुलाम जिलानी, मौलाना अहमद रजा जुड़े रहे।
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