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सम्मान : आरपीएफ कांस्टेबल ज्ञानचंद को मरणोपरांत सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक

Sat, 05 Feb 2022 08:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 05 Feb 2022 08:38 PM IST
सार

पिछले वर्ष ही मार्च 2021 में प्रयागराज मंडल के भरवारी रेलवे स्टेशन में देवरिया के खुखुंदू थानांतर्गत मिश्र का पुरवा मजरा परसिया निवासी ज्ञान चंद अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान में रात 12 बजे के आसपास प्रयागराज से जयपुर जाने वाली मथुरा एक्सप्रेस आने की सूचना ज्ञान चंद को मिली। प्लेटफार्म निरीक्षण के दौरान  ज्ञानसिंह की नजर ट्रैक पर घूम रही एक 35 वर्षीय महिला पर पड़ी।

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Posthumous Best Jeevan Raksha Medal to RPF constable Gyanchand
Prayagraj News : ज्ञानचंद। फाइल फोटो - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

पिछले वर्ष कौशांबी में आत्महत्या की  नीयत से आई महिला को बचाने में अपनी जान गंवाने वाले रेल सुरक्षा बल के कांस्टेबल शहीद ज्ञान चंद को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक दिया है। देश भर से कुल छह जवानों का इसके लिए चयन हुआ है। स्वर्गीय ज्ञानचंद को यह सम्मान दिए जाने की खबर आरपीएफ इंडिया ने शनिवार दोपहर ट्वीट के माध्यम से दी है। यह जानकारी मिलने के बाद प्रयागराज शहीद ज्ञानचंद को याद करने के साथ उनके साथियों की आंखें नम हो गई।

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पिछले वर्ष ही मार्च 2021 में प्रयागराज मंडल के भरवारी रेलवे स्टेशन में देवरिया के खुखुंदू थानांतर्गत मिश्र का पुरवा मजरा परसिया निवासी ज्ञान चंद अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान में रात 12 बजे के आसपास प्रयागराज से जयपुर जाने वाली मथुरा एक्सप्रेस आने की सूचना ज्ञान चंद को मिली। प्लेटफार्म निरीक्षण के दौरान  ज्ञानसिंह की नजर ट्रैक पर घूम रही एक 35 वर्षीय महिला पर पड़ी।
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इस बीच महिला को देखकर लोको पॉयलट द्वारा बार-बार हार्न बजाया जाता रहा लेकिन वह ट्रैक पर ही खड़ी रही। उसे देख जवान ज्ञानसिंह तत्काल महिला की ओर दौड़ा और उसे पीछे की ओर धकेल दिया, लेकिन इस दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ज्ञान चंद पूर्व में प्रयागराज जंक् शन पर भी तैनात रह चुके  थे। उनके निधन की खबर से तब हर कोई स्तब्ध हो गया।
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फिलहाल अब ज्ञानचंद को उसकी बहादुरी एवं सर्वोच्च बलिदान देने के लिए मरणोपरांत राष्ट्रपति द्वारा सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया है। उनके साथी एसआई अमित द्विवेदी ने बताया कि आरपीएफ के लिए यह सबसे बड़ा सम्मान है। कहा कि  स्व. ज्ञानचंद अपनी कर्तव्यनिष्ठा, विनम्र स्वभाव के लिए जाने जाते थे।  ज्ञानचंद सहकर्मियों के बीच अपने गाने के लिए भी प्रसिद्ध थे। कोविडकाल के दौरान मानिकपुर स्टेशन पर उनके गाये हुए अंतिम गीत आज भी उनके साथियों के जेहन में हैं।

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