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प्रयागराज: हाईकोर्ट के निर्देश, तीन दिन में वाहन चालान कोर्ट में भेजे पुलिस
Wed, 25 Sep 2019 04:00 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 04:00 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट ने चेकिंग में वाहनों का चालान कर कोर्ट में भेजने में देरी को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी से हलफनामे के साथ जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि चालान कोर्ट भेजने के लिए कितना समय चाहिए। कोर्ट ने डीजीपी को यह भी निर्देश दिया है कि प्रदेश की पुलिस को सर्कुलर जारी कर वाहनों के चालान तीन दिन में कोर्ट भेजने का निर्देश दें।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति राजीव मिश्र की खंडपीठ ने प्रयागराज के आलोक कुमार यादव की याचिका पर दिया है। याचिका में बताया गया कि यादव इस साल 26 अप्रैल को दोपहिया वाहन पर जा रहे थे। जार्जटाउन थाने के दरोगा कृष्ण कुमार सरोज ने चेकिंग के दौरान वाहन का चालान काटा और ड्राइविंग लाइसेंस जब्त कर लिया।
चालान कोर्ट नहीं भेजा गया, जिससे याची जब्त लाइसेंस नही छुड़ा सका। उसने अधिकारियों से चालान कोर्ट भेजने की मांग की तो अधिकारियों ने याची के नाम एक फर्जी पत्र लिखवाया, जिसमें 29 जुलाई को याची से ड्राइविंग लाइसेंस खोने की बात लिखवाई गई।
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अधिकारियों ने मानी गलती
इस मामले में सरकारी वकील संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो कोर्ट ने अधिकारियों को तलब कर लिया। अगली सुनवाई के दिन एसएसपी प्रयागराज सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एएसपी यातायात कुलदीप सिंह और दरोगा केके सरोज कोर्ट में हाजिर हुए और गलती मानी कि लाइसेंस खो जाने के कारण याची के वाहन का चालान नहीं भेजा जा सका।
75 लाख चालान के केस हैं लंबित
कोर्ट ने कहा कि वाहनों के चालान भेजने में देरी के चलते 75 लाख मुकदमे लंबित हैं। पुलिस अचानक भारी संख्या में चालान कोर्ट भेज देती है। इसकी वजह से कोर्ट स्टाफ को उन्हे पंजीकृत कर मुकदमा संख्या देने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कोर्ट ने डीजीपी को प्रदेश भर से पुलिस से आंकडे़ एकत्र कर स्वयं इस मामले को देखने और उचित दिशा निर्देश जारी करने के लिए कहा है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति राजीव मिश्र की खंडपीठ ने प्रयागराज के आलोक कुमार यादव की याचिका पर दिया है। याचिका में बताया गया कि यादव इस साल 26 अप्रैल को दोपहिया वाहन पर जा रहे थे। जार्जटाउन थाने के दरोगा कृष्ण कुमार सरोज ने चेकिंग के दौरान वाहन का चालान काटा और ड्राइविंग लाइसेंस जब्त कर लिया।
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चालान कोर्ट नहीं भेजा गया, जिससे याची जब्त लाइसेंस नही छुड़ा सका। उसने अधिकारियों से चालान कोर्ट भेजने की मांग की तो अधिकारियों ने याची के नाम एक फर्जी पत्र लिखवाया, जिसमें 29 जुलाई को याची से ड्राइविंग लाइसेंस खोने की बात लिखवाई गई।
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अधिकारियों ने मानी गलती
इस मामले में सरकारी वकील संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो कोर्ट ने अधिकारियों को तलब कर लिया। अगली सुनवाई के दिन एसएसपी प्रयागराज सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एएसपी यातायात कुलदीप सिंह और दरोगा केके सरोज कोर्ट में हाजिर हुए और गलती मानी कि लाइसेंस खो जाने के कारण याची के वाहन का चालान नहीं भेजा जा सका।
75 लाख चालान के केस हैं लंबित
कोर्ट ने कहा कि वाहनों के चालान भेजने में देरी के चलते 75 लाख मुकदमे लंबित हैं। पुलिस अचानक भारी संख्या में चालान कोर्ट भेज देती है। इसकी वजह से कोर्ट स्टाफ को उन्हे पंजीकृत कर मुकदमा संख्या देने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कोर्ट ने डीजीपी को प्रदेश भर से पुलिस से आंकडे़ एकत्र कर स्वयं इस मामले को देखने और उचित दिशा निर्देश जारी करने के लिए कहा है।