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दरोगा भर्ती: व्हाइटनर प्रकरण की जांच रिपोर्ट तलब
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Thu, 12 Feb 2015 11:43 PM IST
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पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर और पीएसी के प्लाटून कमांडेंट भर्ती के लिए आयोजित मुख्य परीक्षा में व्हाइटनर इस्तेमाल करने वालों का परिणाम रद होगा। हाईकोर्ट में दिए हलफनामे में पुलिस विभाग ने स्वीकार किया है कि प्रारंभिक जांच में छह ऐसे लोगों का पता चला है जिन्होंने ओएमआर सीट पर व्हाइटनर या ब्लेड का उपयोग किया। और कितने लोगों ने ऐसा किया है इसकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। संजीव कुमार द्विवेदी और साकेत कुमार तथा अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने प्रदेश सरकार से कमेटी की जांच रिपोर्ट 11 मार्च तक प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
याचिका में कहा गया है कि सब इंस्पेक्टर और प्लाटून कमाडेंट भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा 14 सितंबर 2014 को आयोजित की गई। परीक्षा के लिए दी गई ओएमआर सीट में निर्देश था कि कोई भी अभ्यर्थी यदि व्हाइटनर या ब्लेड का इस्तेमाल करेगा तो उसकी ऑसर सीट जांची नहीं जाएगी। इसके बावजूद कुछ लोगों ने व्हाइटनर लगाया और उनकी कॉपियां न सिर्फ जांची गई बल्कि सफल घोषित कर दिया गया।
याचीगण का आरोप है कि विभाग ने इसी की आड़ में अपने तमाम चहेतों की ओएमआर सीट पर व्हाइटनर लगाकर उनको सफल घोषित करा दिया। अभ्यर्थियों ने इस मामले में जब आरटीआई के तहत जानकारी मांगी तो विभाग द्वारा बताया गया कि व्हाइटनर लगाने वालों की कॉपियां जांची नहीं जाएंगी। अभ्यर्थियों ने इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस पीकेएस बघेल द्वारा सरकार से जवाब तलब किए जाने पर बताया गया कि प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।
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याचिका में कहा गया है कि सब इंस्पेक्टर और प्लाटून कमाडेंट भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा 14 सितंबर 2014 को आयोजित की गई। परीक्षा के लिए दी गई ओएमआर सीट में निर्देश था कि कोई भी अभ्यर्थी यदि व्हाइटनर या ब्लेड का इस्तेमाल करेगा तो उसकी ऑसर सीट जांची नहीं जाएगी। इसके बावजूद कुछ लोगों ने व्हाइटनर लगाया और उनकी कॉपियां न सिर्फ जांची गई बल्कि सफल घोषित कर दिया गया।
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याचीगण का आरोप है कि विभाग ने इसी की आड़ में अपने तमाम चहेतों की ओएमआर सीट पर व्हाइटनर लगाकर उनको सफल घोषित करा दिया। अभ्यर्थियों ने इस मामले में जब आरटीआई के तहत जानकारी मांगी तो विभाग द्वारा बताया गया कि व्हाइटनर लगाने वालों की कॉपियां जांची नहीं जाएंगी। अभ्यर्थियों ने इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस पीकेएस बघेल द्वारा सरकार से जवाब तलब किए जाने पर बताया गया कि प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।
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