‘पुलिस की पाठशाला : प्ले स्टोर पर हर एप सुरक्षित नहीं, आंख मूंदकर न करें भरोसा
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में मुख्य अतिथि एडीसीपी अपराध सतीश चंद्र ने कहीं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते वक्त अतिरिक्त सक्रियता बरतें। प्रोफाइल लॉक करें और प्राइवेसी फीचर जैसे ब्लाॅकिंग, टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन आदि का इस्तेमाल करें।
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‘प्ले स्टोर पर उपलब्ध हर मोबाइल एप सुरक्षित नहीं। ऐसे में इन पर आंख मूंदकर भरोसा करना खतरे को दावत देने जैसा है। कोई भी एप डाउनलोड करने से पहले अच्छी तरह से जांच कर लें। रिव्यू देखें और किसी जानकार से बात करें। ऐसी बातें ध्यान में रखें तो खुद को और घरवालों, परिचितों को भी साइबर अपराध से बचाया जा सकता है।’
यह बातें शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ में मुख्य अतिथि एडीसीपी अपराध सतीश चंद्र ने कहीं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते वक्त अतिरिक्त सक्रियता बरतें। प्रोफाइल लॉक करें और प्राइवेसी फीचर जैसे ब्लाॅकिंग, टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन आदि का इस्तेमाल करें। निजी जानकारियां कतई ना साझा करें। अच्छी तरह से जेहन में बैठा लें कि यूपीआई पिन का इस्तेमाल केवल भुगतान के लिए ही होता है। भुगतान लेने के लिए पिन डालने की जरूरत नहीं होती।
वीडियो कॉल से ब्लैकमेलिंग का छात्राएं भी हो रहीं शिकार
विशिष्ट अतिथि एसीपी झूंसी आस्था जायसवाल ने कहा कि वीडियो कॉल के जरिये ब्लैकमेलिंग का शिकार छात्राएं भी हाे रही हैं। ऐसे में अन्जान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल किसी भी हाल में रिसीव न करें। साइबर अपराध होने पर 1930 पर कॉल करें या साइबर सेल में रिपोर्ट करें। महिला अपराध की दशा में 1090, 1076 के अलावा 112 पर कॉल करें। यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, घूरना, पीछा करने जैसी कोई भी शिकायत हो तो अपने माता-पिता व शिक्षिकाओं को बताएं। स्कूलों में लगी पेटिकाओं में भी शिकायती पत्र डाला जा सकता है।
काउंसलिंग के लिए बनाई कमेटी
प्रधानाचार्य सुधा रानी उपाध्याय ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना का शिकार होने पर छात्राएं मानसिक रूप से बेहद परेशान हो जाती हैं। इसे देखते हुए ही स्कूल में शिक्षिकाओं की एक कमेटी बनाई गई है। ऐसे मामले सामने आने पर टीम काउंसलिंग करती है और छात्राओं को इस मनोस्थिति से उबारने में सहायक होती है। उन्होंने अतिथियों का स्वागत किया व आभार जताया। संचालन शिक्षिका सलोनी अग्रवाल ने किया। उधर साइबर सेल व एंटी रोमियो स्क्वॉड के सदस्यों ने भी छात्राओं को आवश्यक जानकारियां दीं।
बेटियों को मिले पुरस्कार
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिषद की तीन छात्राओं गौसिया खान, आरती निषाद व नीलम शर्मा को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। छात्राओं की ओर से सवाल भी पूछे गए। एक छात्रा ने पूछा कि फेक आईडी बनाए जाने पर क्या करें। इस पर बताया गया कि तत्काल इसे रिपोर्ट करें व नेशनल पोर्टल पर कॉल करें। इसी तरह एक छात्रा ने पूछा कि एप डाउनलोड करते वक्त क्या सावधानियां बरती जाएं। एक अन्य छात्रा ने पूछा कि वेबसाइट सही है, इसका पता कैसे लगाया जाए।