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Murder Case : कार्यस्थल, टेंडर से जुड़े विवादों पर पुलिस की नजर, प्रयागराज से गोरखपुर, बिहटा तक की तहकीकात

Mon, 31 Mar 2025 01:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 31 Mar 2025 01:38 PM IST
सार

कमांडर वर्क इंजीनियर की हत्या की वारदात के 45 घंटे बाद भी अब तक वजह नहीं सामने आ सकी है। निजी रंजिश की कोई बात सामने न आने के बाद अब पुलिस की नजर कार्यस्थल व टेंडर से जुड़े विवादों पर टिक गई है।

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Police keeping an eye on disputes related to workplace and tender, investigation from Prayagraj to Gorakhpur
सत्येंद्र नाथ मिश्रा की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कमांडर वर्क इंजीनियर की हत्या की वारदात के 45 घंटे बाद भी अब तक वजह नहीं सामने आ सकी है। निजी रंजिश की कोई बात सामने न आने के बाद अब पुलिस की नजर कार्यस्थल व टेंडर से जुड़े विवादों पर टिक गई है। फिलहाल, प्रयागराज से गोरखपुर, बिहटा, दरभंगा तक उनसे संंबंधित मामलों की तहकीकात शुरू कर दी गई है। कमांडर वर्क इंजीनियर के पास प्रयागराज के अलावा एयरफोर्स के गोरखपुर, बिहार के दरभंगा व पटना स्थित बिहटा एयरफोर्स स्टेशन की भी जिम्मेदारी थी। इन स्थानों पर सैन्य बलों के लिए बुनियादी ढांचे की डिजाइन, निर्माण व रखरखाव संबंधी कार्य उनके ही निर्देशन में कराए जाते थे।

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सैन्य भवनों के निर्माण के साथ ही सेना के परिसर में सड़कों, एयरफील्ड, डॉकयार्ड या अन्य बुनियादी ढांचों को तैयार कराना आदि इसमें शामिल है। टेंडर के माध्यम से यह कार्य कराए जाते थे, जो करोड़ों में होते थे। सूत्रों का कहना है कि पुलिस इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि किसी टेंडर को लेकर कभी उनका किसी ठेकेदार से विवाद तो नहीं हुआ। फिलहाल, अब तक कि जांच में प्रयागराज से जुड़ा कोई विवाद नहीं सामने आया है। उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारी भी इस बाबत कोई जानकारी नहीं दे पाए हैं। ऐसे में गोरखपुर, दरभंगा व बिहटा में हाल फिलहाल हुए बड़े टेंडरों को लेकर जानकारी जुटाना शुरू कर दिया गया है।

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दंडित किए गए कर्मचारियों का भी जुटाया जा रहा ब्योरा

इसके अलावा उन कर्मचारियों का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है जिन्हें उनकी ओर से दंडित किया गया। फिलहाल, ऐसे दो नाम सामने आए हैं। इनमें से एक बिहटा व दूसरा गोरखपुर का है। पता लगाया जा रहा है कि वर्तमान में वह कहां और क्या काम कर रहे हैं। घटना वाले दिन उनकी लोकेशन कहां थी।

मोबाइल की सीडीआर मंगाई

मैनुअल के साथ ही पुलिस इस मामले के खुलासे के लिए टेक्निकल सर्विलांस का भी सहारा ले रही है। इसके तहत अफसर के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई जा रही है। इससे पता चल सकेगा कि हाल फिलहाल उनकी किससे बात हुई। इसका भी पता लगाया जा रहा है कि उनसे जुड़े कुछ लोगों की घटना वाली रात लोकेशन क्या थी।

अब तक निजी रंजिश की कोई बात सामने नहीं आई है। ऐसे में अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। - अभिषेक भारती, डीसीपी नगर

... तो स्थानीय था हत्यारा?

फिलहाल, अब तक कि जांच के बाद एक और बात की आशंका है कि हत्यारा स्थानीय हो सकता है। उसे अपने पहचाने जाने का डर था और यही वजह है कि उसने वारदात के वक्त चेहरा ढंक रखा था। दरअसल, हत्यारे के बाहरी होने की स्थिति में उसे अपने पहचाने जाने का डर नहीं होता। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि वह स्थानीय हो सकता है।

जीटी रोड से प्रयागराज की ओर आया

वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारा जीटी रोड पर आकर प्रयागराज की ओर आया। वायु सेना स्टेशन के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगालने पर यह जानकारी सामने आई है। वह जीटी रोड से होकर जाता नजर आया है।

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