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डीएनए टेस्ट के बारे में परिवार को पुलिस ने नहीं दी जानकारी
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कर्नलगंज पुलिस ने अभी तक डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट की जानकारी शिक्षामित्र विनोद को नहीं दी है। वह समाचार पत्रों में खबर पढ़कर खुद ही थाने पहुंचा था, लेकिन वहां भी उसे कोई जानकारी नहीं मिल सकी। फिलहाल परिवार के लोगों ने तय किया है कि पुलिस के सूचना के बाद ही वे लोग प्रयागराज जाएंगे।
कुंडा के सहिबापुर पहाड़पुर बनोही निवासी शिक्षामित्र विनोद कुमार गुप्ता को बाल शिशु गृह में पल रही बेटी के संबंध में कर्नलगंज थाने की पुलिस ने कोई सूचना नहीं दी है, जबकि डीएनए टेस्ट रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के पिता विनोद ही हैं। शिक्षामित्र विनोद कुमार गुप्ता के परिजन हैरान हैं कि यदि रिपोर्ट आ गई है तो पुलिस ने सूचना क्यों नहीं दी। उन लोगों को समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी हुई है। परिवार के लोग अब पुलिस की सूचना के बाद ही बेटी को लेने के लिए जाएंगे।
लोगों की मानें तो शिक्षामित्र के परिजन हर माह बाल शिशु गृह में पल रही मासूम बेटी को देखने जाते थे। परिवार के लोगों में चिकित्सकों की लापरवाही को लेकर भी आक्रोश है। उनके गले यह बात आज भी नहीं उतर रही है कि सीएचसी कुंडा में भी कागज पर पुरुष लिखा गया था। जिसे प्रयागराज के चिल्ड्रेन अस्पताल में तैनात कर्मचारियों ने भी स्वीकार कर लिया था।
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इसके बाद यह गड़बड़ी कहां पैदा हो गई। उल्लेखनीय है कि विनोद की पत्नी प्रीति ने 16 नवंबर को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। दोनों की हालत खराब देख डाक्टरों ने नवजात बच्चों को मेल (पुरुष) दर्शाते हुए प्रयागराज भेजा था। जहां एक शिशु की 17 नवंबर को मौत हो गई थी। दूसरी शिशु की नैपकिन बदलने के दौरान उसके बेटी होने की जानकारी परिवार के लोगों को हुई। जिसके बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ था। विनोद ने कर्नलगंज थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था। जांच के दौरान पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराया था।
सीडब्लूसी (बाल कल्याण समिति) मेंबर शीला यादव ने कहा है कि उन्हें इस प्रकरण की पूरी जानकारी है। शिशुगृह में सोमवार तक कोई नहीं आया था। एक दो दिन और इंतजार किया जाएगा। इसके बाद कुंडा सीडब्लूसी मेंबर के माध्यम से घर वालों से संपर्क किया जाएगा। अगर वे बच्ची को लेने को नहीं तैयार होते तो उन्हें सरेंडर एप्लीकेशन देनी होगी। उसके बाद ही सीडब्लूसी आगे की कार्रवाई करेगी।
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कुंडा के सहिबापुर पहाड़पुर बनोही निवासी शिक्षामित्र विनोद कुमार गुप्ता को बाल शिशु गृह में पल रही बेटी के संबंध में कर्नलगंज थाने की पुलिस ने कोई सूचना नहीं दी है, जबकि डीएनए टेस्ट रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के पिता विनोद ही हैं। शिक्षामित्र विनोद कुमार गुप्ता के परिजन हैरान हैं कि यदि रिपोर्ट आ गई है तो पुलिस ने सूचना क्यों नहीं दी। उन लोगों को समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी हुई है। परिवार के लोग अब पुलिस की सूचना के बाद ही बेटी को लेने के लिए जाएंगे।
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लोगों की मानें तो शिक्षामित्र के परिजन हर माह बाल शिशु गृह में पल रही मासूम बेटी को देखने जाते थे। परिवार के लोगों में चिकित्सकों की लापरवाही को लेकर भी आक्रोश है। उनके गले यह बात आज भी नहीं उतर रही है कि सीएचसी कुंडा में भी कागज पर पुरुष लिखा गया था। जिसे प्रयागराज के चिल्ड्रेन अस्पताल में तैनात कर्मचारियों ने भी स्वीकार कर लिया था।
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इसके बाद यह गड़बड़ी कहां पैदा हो गई। उल्लेखनीय है कि विनोद की पत्नी प्रीति ने 16 नवंबर को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। दोनों की हालत खराब देख डाक्टरों ने नवजात बच्चों को मेल (पुरुष) दर्शाते हुए प्रयागराज भेजा था। जहां एक शिशु की 17 नवंबर को मौत हो गई थी। दूसरी शिशु की नैपकिन बदलने के दौरान उसके बेटी होने की जानकारी परिवार के लोगों को हुई। जिसके बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ था। विनोद ने कर्नलगंज थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था। जांच के दौरान पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराया था।
सीडब्लूसी (बाल कल्याण समिति) मेंबर शीला यादव ने कहा है कि उन्हें इस प्रकरण की पूरी जानकारी है। शिशुगृह में सोमवार तक कोई नहीं आया था। एक दो दिन और इंतजार किया जाएगा। इसके बाद कुंडा सीडब्लूसी मेंबर के माध्यम से घर वालों से संपर्क किया जाएगा। अगर वे बच्ची को लेने को नहीं तैयार होते तो उन्हें सरेंडर एप्लीकेशन देनी होगी। उसके बाद ही सीडब्लूसी आगे की कार्रवाई करेगी।