{"_id":"5d53114c8ebc3e6cd878319e","slug":"police-calss-at-mpvm-allahabad-news-ald2521371113","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानवाधिकारों के पालन से बेहतर होगी कानून व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानवाधिकारों के पालन से बेहतर होगी कानून व्यवस्था
विज्ञापन
Police calss at MPVM
- फोटो : CITY DESK
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रयागराज। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं के लिए नया अनुभव देने वाला रहा। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में अपर पुलिस महानिदेशक एसएन साबत ने छात्रों को कानून के सम्मान का पाठ पढ़ाया। उन्होंने छात्रों को ‘कानूून का सम्मान और कानून से जीवन आसान’ का मूलमंत्र दिया। उन्होंने छात्रों को संविधान में निहित कानूनी प्रावधानों के साथ मानवाधिकार का भी पाठ पढ़ाया। एसएन साबत पुलिस के बड़े अधिकारी नहीं बल्कि एक शिक्षक की भूमिका में लगातार छात्रों से सवाल-जवाब शैली में संवाद करते रहे। छात्रों के साथ संवाद में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे अच्छी वहीं है जहां सबको मानवाधिकार संरक्षण का हक मिले और हर व्यक्ति अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी पालन करे।
यातायात के नियमों के पालन की सीख
पुलिस सेवा में हमेशा नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एसएन साबत ने को अपनी सेवा के दौरान अनेक मानद पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। छात्रों के लिए अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला के दौरान उन्होंने यातायात के नियमों के पालन और जीवन की सुरक्षा के मुद्दे पर सबसे फोकस किया। उन्होंने छात्रों से कानून-व्यवस्था के अनुपालन की अपील की। सड़क पर लगातार होने वाली दुर्घटना से बचने केलिए यातायात सुरक्षा पर बल दिया। एडीजी जोन ने आज के संदर्भ में स्वच्छ पर्यावरण, पशुओं के संरक्षण सजग रहने की प्रेरणा दी।
30 हजार लोग बिना हेलमेट के मौत के मुंह में चले जाते हैं
0 छात्रों से बातचीत के दौरान एडीजी साबत ने हेलमेट उपयोगिता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि अपने देश में साढ़े चार लाख लोग प्रतिवर्ष दुर्घटना ग्रस्त होते हैं और इसमें डेढ़ लाख मौत के मुंह में चले जाते हैं। डेढ़ लाख मरने वालों में लगभग 30 हजार बिना हेलमेट के मौत के मुंह में चले जाते हैं। छात्रों को आंकडों का महत्व समझाते हुए यातायात के नियमों का पालन करने, हेलमेट लगाने, सीट बेल्ट पहनकर गाड़ी चलाने की सीख दी। इससे जीवन सुरक्षा बढ़ती है।
विज्ञापन
छात्राओं और महिला सुरक्षा के बारे में बताया
उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। दहेज आदि कुप्रथाओं का पुरजोर विरोध करना चाहिए। इसके लिए बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम बनना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को सोशल मीडिया के प्रति भी सतर्क होने का सुझाव दिया। बच्चों की ओर से पूछे गये अनेक प्रश्नों के उत्तर उन्होंने बढ़ी रोचक शैली में दिया। पुलिस की पाठशाला में आए अतिथि का परिचय विद्यालय की शिक्षिका गोपा ने दिया। अतिथि का स्वागत विद्यालय प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष रवीेंद्र गुप्ता ने किया जबकि प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो ने एडीजी जोन की ओर से छात्रों के मार्गदर्शन के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से छात्रों का व्यक्तित्व निखरता है। कार्यक्रम का संयोजन मृगनयनी आर्या एवं पद्मावती पांडेय ने किया।
विज्ञापन
यातायात के नियमों के पालन की सीख
पुलिस सेवा में हमेशा नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एसएन साबत ने को अपनी सेवा के दौरान अनेक मानद पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। छात्रों के लिए अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला के दौरान उन्होंने यातायात के नियमों के पालन और जीवन की सुरक्षा के मुद्दे पर सबसे फोकस किया। उन्होंने छात्रों से कानून-व्यवस्था के अनुपालन की अपील की। सड़क पर लगातार होने वाली दुर्घटना से बचने केलिए यातायात सुरक्षा पर बल दिया। एडीजी जोन ने आज के संदर्भ में स्वच्छ पर्यावरण, पशुओं के संरक्षण सजग रहने की प्रेरणा दी।
विज्ञापन
30 हजार लोग बिना हेलमेट के मौत के मुंह में चले जाते हैं
0 छात्रों से बातचीत के दौरान एडीजी साबत ने हेलमेट उपयोगिता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि अपने देश में साढ़े चार लाख लोग प्रतिवर्ष दुर्घटना ग्रस्त होते हैं और इसमें डेढ़ लाख मौत के मुंह में चले जाते हैं। डेढ़ लाख मरने वालों में लगभग 30 हजार बिना हेलमेट के मौत के मुंह में चले जाते हैं। छात्रों को आंकडों का महत्व समझाते हुए यातायात के नियमों का पालन करने, हेलमेट लगाने, सीट बेल्ट पहनकर गाड़ी चलाने की सीख दी। इससे जीवन सुरक्षा बढ़ती है।
विज्ञापन
छात्राओं और महिला सुरक्षा के बारे में बताया
उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। दहेज आदि कुप्रथाओं का पुरजोर विरोध करना चाहिए। इसके लिए बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम बनना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को सोशल मीडिया के प्रति भी सतर्क होने का सुझाव दिया। बच्चों की ओर से पूछे गये अनेक प्रश्नों के उत्तर उन्होंने बढ़ी रोचक शैली में दिया। पुलिस की पाठशाला में आए अतिथि का परिचय विद्यालय की शिक्षिका गोपा ने दिया। अतिथि का स्वागत विद्यालय प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष रवीेंद्र गुप्ता ने किया जबकि प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो ने एडीजी जोन की ओर से छात्रों के मार्गदर्शन के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से छात्रों का व्यक्तित्व निखरता है। कार्यक्रम का संयोजन मृगनयनी आर्या एवं पद्मावती पांडेय ने किया।