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छात्रा की मौत के लिए पुलिस भी है जिम्मेदार
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Sun, 12 Apr 2015 11:56 PM IST
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फूलपुर के लतीफपुर गांव में छेड़खानी से तंग आकर ग्यारहवीं की छात्रा पूजा गुप्ता की आत्महत्या के लिए आरोपी युवक के साथ ही पुलिस भी जिम्मेदार है। पुलिस ने छात्रा के पिता की ओर से मिली छेड़खानी की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की जिसकी वजह से मनबढ़ युवक ने पांच रोज पहले फिर वही हरकत कर दी। पुलिस की उदासीनता और आरोपी के घरवालों की दबंगई से परेशान होकर छात्रा ने आत्मघाती कदम उठा लिया। छात्रा की खुदकुशी में नामजद आरोपी युवक और उसकी मां को फूलपुर थाने की पुलिस दो रोज गुजरने के बावजूद गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
लतीफपुर गांव निवासी परचून दुकानदार विनोद कुमार गुप्ता की तीन बेटियों में पूजा (17) बड़ी थी। वह ग्यारहवीं की छात्रा थी। पूजा ने शुक्रवार शाम घर के कमरे में फांसी लगा ली। उसकी आत्महत्या से परिवार में दुख के साथ ही भारी गुस्सा भी है। पिता विनोद की ओर से शनिवार को फूलपुर थाने में पडोस में रहने वाले कमलाकांत की पत्नी मीरा देवी और पुत्र श्रेयांश उर्फ छबीले के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस लिखा गया। विनोद ने पुलिस को बताया कि पड़ोसी का पुत्र श्रेयांश उर्फ छबीले उनकी बेटी पूजा को तंग करता था। उसने 17 फरवरी को भी पूजा से खींचतान की थी। पता चलने पर उन्होंने छबीले के घर जाकर शिकायत की मगर उसके पिता ने उल्टा उन्हें धमकाया और अपमानित किया।
तब उन्होंने फूलपुर थाने जाकर छबीले के खिलाफ पुलिस को लिखित शिकायत दी मगर पुलिस ने कुछ नहीं किया। आरोपी छबीले शहर चला गया जहां वह किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई करता था। हफ्ते भर पहले वह घर आया तो पुलिस की उदासीनता के चलते उसने फिर पूजा से छेड़खानी कर दी। मगर तब पूजा ने इस बारे में घरवालों से नहीं बताया क्योंकि उसे लगा कि शिकायत करने से कुछ नहीं होगा। मगर वह भीतर से बेहद टूट गई। आखिरकार उसने आत्महत्या से पहले किसी से इस बारे में जिक्र किया फिर फंदे से लटककर मौत गले लगा ली। उसके पिता विनोद कहते हैं कि अगर पुलिस ने पहली शिकायत को गंभीरता से लेकर आरोपी छबीले को पकड़कर सख्ती की होती तो उनकी बेटी के मरने की नौबत न आती। अब पूजा की मौत के बाद भी फूलपुर थाने की पुलिस दोषी युवक छबीले और उसकी मां की गिरफ्तारी का प्रयास नहीं कर रही है।
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लतीफपुर गांव निवासी परचून दुकानदार विनोद कुमार गुप्ता की तीन बेटियों में पूजा (17) बड़ी थी। वह ग्यारहवीं की छात्रा थी। पूजा ने शुक्रवार शाम घर के कमरे में फांसी लगा ली। उसकी आत्महत्या से परिवार में दुख के साथ ही भारी गुस्सा भी है। पिता विनोद की ओर से शनिवार को फूलपुर थाने में पडोस में रहने वाले कमलाकांत की पत्नी मीरा देवी और पुत्र श्रेयांश उर्फ छबीले के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस लिखा गया। विनोद ने पुलिस को बताया कि पड़ोसी का पुत्र श्रेयांश उर्फ छबीले उनकी बेटी पूजा को तंग करता था। उसने 17 फरवरी को भी पूजा से खींचतान की थी। पता चलने पर उन्होंने छबीले के घर जाकर शिकायत की मगर उसके पिता ने उल्टा उन्हें धमकाया और अपमानित किया।
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तब उन्होंने फूलपुर थाने जाकर छबीले के खिलाफ पुलिस को लिखित शिकायत दी मगर पुलिस ने कुछ नहीं किया। आरोपी छबीले शहर चला गया जहां वह किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई करता था। हफ्ते भर पहले वह घर आया तो पुलिस की उदासीनता के चलते उसने फिर पूजा से छेड़खानी कर दी। मगर तब पूजा ने इस बारे में घरवालों से नहीं बताया क्योंकि उसे लगा कि शिकायत करने से कुछ नहीं होगा। मगर वह भीतर से बेहद टूट गई। आखिरकार उसने आत्महत्या से पहले किसी से इस बारे में जिक्र किया फिर फंदे से लटककर मौत गले लगा ली। उसके पिता विनोद कहते हैं कि अगर पुलिस ने पहली शिकायत को गंभीरता से लेकर आरोपी छबीले को पकड़कर सख्ती की होती तो उनकी बेटी के मरने की नौबत न आती। अब पूजा की मौत के बाद भी फूलपुर थाने की पुलिस दोषी युवक छबीले और उसकी मां की गिरफ्तारी का प्रयास नहीं कर रही है।
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