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दुष्कर्म केस में गवाह को जेल भेजने का मामला : वादिनी का बयान दर्ज, लेकिन नहीं आया गवाह
Sun, 14 Nov 2021 11:04 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो , प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो , प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 14 Nov 2021 11:04 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
दुष्कर्म केस के गवाह को साजिश करके फर्जी तरीकेसे जेल भेजने के मामले में वादिनी का बयान दर्ज कर लिया गया। हालांकि वह गवाह तीसरे दिन भी पुलिस के समक्ष नहीं पेश हुआ जिसे फर्जी तरीकेसे जेल भेजा गया था। गवाह का बयान दर्ज करने के बाद मुकदमे से संबंधित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
दुष्कर्म केस के गवाह को फर्जी तरीकेसे जेल भेजने में पूर्व हंडिया इंस्पेक्टर बृजेश सिंह, एसआई बलवंत यादव समेत तीन के खिलाफ जार्जटाउन थाने में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में मुकदमा वादिनी का भी बयान लिया गया।
सूत्रों का कहना है कि अपने बयान में उसने बताया है कि किस तरह उस पर सुलह का दबाव बनाने के लिए उसके गवाह को फर्जी तरीकेसे जेल भेजा गया। साथ ही उस पर दर्ज मामले की विवेचना में भी लापरवाही की गई। उधर उसका गवाह तीसरे दिन भी बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल बयान दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद आरोपों से संबंधित साक्ष्यों को एकत्र किया जाएगा। मामले में पुलिस अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका सिर्फ इतना ही कहना है कि विवेचना चल रही है।
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फर्जी फंसाने का आरोप, पीएम को भेजा पत्र
उधर आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर ने पीएम, गृह सचिव, आईजी समेत अन्य लोगों को शिकायती पत्र देकर खुद को फर्जी फंसाने का आरोप लगाया है। आरोप यह भी है कि फर्जीवाड़ा कर उस पर एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया।
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दुष्कर्म केस के गवाह को फर्जी तरीकेसे जेल भेजने में पूर्व हंडिया इंस्पेक्टर बृजेश सिंह, एसआई बलवंत यादव समेत तीन के खिलाफ जार्जटाउन थाने में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में मुकदमा वादिनी का भी बयान लिया गया।
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सूत्रों का कहना है कि अपने बयान में उसने बताया है कि किस तरह उस पर सुलह का दबाव बनाने के लिए उसके गवाह को फर्जी तरीकेसे जेल भेजा गया। साथ ही उस पर दर्ज मामले की विवेचना में भी लापरवाही की गई। उधर उसका गवाह तीसरे दिन भी बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल बयान दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद आरोपों से संबंधित साक्ष्यों को एकत्र किया जाएगा। मामले में पुलिस अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका सिर्फ इतना ही कहना है कि विवेचना चल रही है।
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फर्जी फंसाने का आरोप, पीएम को भेजा पत्र
उधर आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर ने पीएम, गृह सचिव, आईजी समेत अन्य लोगों को शिकायती पत्र देकर खुद को फर्जी फंसाने का आरोप लगाया है। आरोप यह भी है कि फर्जीवाड़ा कर उस पर एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया।