फाफामऊ सामूहिक हत्याकांड : चार अन्य नामजद आरोपी हिरासत में, फिंगर प्रिंट के नमूने लिए गए
सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने यह बात स्वीकार की है कि मृतक के परिवार से उनका विवाद चल रहा था, लेकिन हत्याकांड में किसी तरह की भूमिका की बात से उन्होंने साफ इनकार किया।
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फाफामऊ हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस ने चार अन्य नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। इस तरह अब तक कुल आठ नामजद आरोपी पकड़े जा चुके हैं। शेष तीन में से दो आरोपी शहर से बाहर हैं, जबकि एक आरोपी चलने फिरने में असमर्थ है। उधर पूछताछ के लिए कई अन्य संदिग्धों को भी उठाया गया है।
परिजनों की ओर से मामले में कुल 11 लोगों के खिलाफ हत्या, सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इनमें से चार आरोपियों बबली पत्नी अमित सिंह, आकाश, रवि व मनीष को वारदात के कुछ देर बाद ही पकड़ लिया गया था। शेष आरोपी अमित सिंह, अभय, राजा, रंचू, कुलदीप, कान्हा ठाकुर, अशोक सिंह की तलाश की जा रही थी। शुक्रवार को चार अन्य आरोपियों को भी हिरासत में ले लिया गया।
सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने यह बात स्वीकार की है कि मृतक के परिवार से उनका विवाद चल रहा था, लेकिन हत्याकांड में किसी तरह की भूमिका की बात से उन्होंने साफ इनकार किया। उनका यह भी कहना था कि मृतक फूलचंद से कभी उनका सीधे कोई विवाद नहीं रहा। विवाद को लेकर 2019 में और फिर इसी साल सितंबर में जो मुकदमे दर्ज हुए, उनमें भी मृतक फूलचंद वादी नहीं था।
फिलहाल देर रात तक उनसे पूछताछ जारी रही। उधर हिरासत में लिए गए आरोपियों के फिंगर प्रिंट केसैंपल भी लिए गए। सूत्रों का कहना है कि उनके फिंगर प्रिंट का मिलान उन नमूनों से कराया जाएगा जो फोरेंसिक टीम को मौके से मिले थे। साथ ही मौके से बरामद कुल्हाड़ी, फावड़ा व सब्बल पर मिले फिंगर प्रिंट के नमूनों से भी मिलान कराया जाएगा। इससे साफ हो जाएगा कि हत्या में उनकी संलिप्तता रही है या नहीं।
मृतक परिवार के करीबी भी रडार पर
उधर सूत्रों का कहना है कि नामजद आरोपियों और भट्ठा संचालक पुत्र केसाथ ही जांच टीम के रडार पर मृतकों के कुछ करीबी भी हैं। दरअसल जांच में लगी टीम को सबसे ज्यादा यह बात खटक रही है कि एक साथ चार-चार शव 24 घंटे से ज्यादा वक्त तक घर में पड़े रहे और किसी को इसकी भनक नहीं लगी। जबकि जिस घर में यह वारदात हुई वह सड़क से लगभग सटा हुआ है। पड़ोस में ही भाई भी परिवार समेत रहते हैं, लेकिन उन्हें भी घटना की जानकारी बृहस्पतिवार को हुई।
यही वजह है कि कई करीबी भी जांच के दायरे में हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि मृतक के घर में किसका सबसे ज्यादा आना-जाना था। क्या परिवार के अलावा भी कुछ लोग थे, जिनका मृतकों से मिलना जुलना था। आस पड़ोस में रहने वालों का भी पता लगाया जा रहा है। यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि वारदात के बाद से गांव का कोई व्यक्ति लापता तो नहीं है।
मीरापुर से पकड़ा गया एक नामजद आरोपी
वारदात में नामजद एक आरोपी गांव से भागकर शहर में आकर छिप गया था। दरअसल एक आरोपी की ससुराल अतरसुइया के मीरापुर में है। वारदात के बाद वह यहां रहने वाले अपनी पत्नी के भाई के घर चला आया था, जो बिजली विभाग में कर्मचारी है। हालांकि उसने वारदात के संबंध में उनको कुछ नहीं बताया। ऐसे में वह भी बेखबर रहे। इस बीच पुलिस टीम को उसके शहर में होने की भनक लगी, जिसके बाद देर रात दबिश देकर पुलिस ने नामजद आरोपी को हिरासत में ले लिया। साथ ही उसकी पत्नी के भाई को भी हिरासत में ले लिया और फिर दोनों को साथ लेकर चली गई। देर रात तक उनसे पूछताछ चलती रही।
तीन को छोड़कर अन्य सभी नामजद आरोपी पकड़े जा चुकेहैं जिनसे पूछताछ जारी है। विवेचना जारी है और वैज्ञानिक साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी
भट्ठा संचालक का बेटा भी संदिग्ध, हिरासत में
फाफामऊ में एक साथ चार हत्याओं के मामले में पुलिस ने ईंट भट्ठा संचालक के बेटे को हिरासत में ले लिया है। जांच पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई है कि उसका किशोरी से मिलना जुलना था। पुलिस ने पूछताछ के लिए भट्ठा संचालक को भी उठा लिया है।
मृतक फूलचंद के घर के ठीक पीछे एक ईंट भट्ठा है। इसका संचालक फाफामऊ के ही रूदापुर गांव का रहने वाला है। उसके चार बेटे हैं, जिनमें से एक अक्सर भट्ठे पर आया जाया करता था। सूत्रों के मुताबिक, जांच पड़ताल में जुटी टीमों को पता चला है कि भट्ठे पर आने जाने के दौरान ही संचालक के बेटे की मृतक किशोरी से जान पहचान हुई और फिर वह उससे मिलने जुलने लगा। सूत्रों का कहना है कि यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया, जिससे शुक्रवार को दिन भर पूछताछ चलती रही।
सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि उसने किशोरी से मिलने-जुलने की बात स्वीकार की है। लेकिन हत्याकांड में खुद के शामिल होने की बात से फिलहाल इनकार किया है। भट्ठा संचालक के बेटे का कहना था कि कई दिनों से उसकी किशोरी से मुलाकात नहीं हुई। हालांकि अफसरों का कहना है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि वह सच बोल रहा है या नहीं। फिलहाल घटना के वक्त उसकी लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। जानकारी जुटाई जा रही है कि वारदात के वक्त वह कहां था।
इसके अलावा भट्ठा संचालक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) भी निकलवाई जा रही है। एक अफसर ने बताया कि सीडीआर देखने से यह पता चल जाएगा कि वारदात से पहले और वारदात के बाद उसकी गतिविधियां क्या थीं। मसलन उसने किससे और कितनी बार बात की। सीडीआर से ही यह भी पता चलेगा कि कहीं वारदात से पहले उसकी और मृतक किशोरी के बीच फोन पर कोई बात तो नहीं हुई थी। उधर किशोरी के मोबाइल की भी सीडीआर निकलवाई जा रही है।
पिता ने भी खुद को बताया निर्दोष
सूत्रों ने बताया कि बेटे के अलावा पुलिस ने भट्ठा संचालक से भी घंटोें पूछताछ की। उससे पूछा कि घटना के वक्त वह कहां पर था और इतनी बड़ी घटना के बाद क्या वह मौके पर पहुंचा था। हालांकि पुलिस की पूछताछ में वह यही कहता रहा कि उसका इस वारदात से कोई लेना देना नहीं है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लोकेशन जांचने के साथ ही उसकी भी सीडीआर निकलवाई जा रही है।