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प्रयागराज में निजी कोविड अस्पताल में बेड खाली, बंद करने के लिए प्रशासन से मांगी अनुमति

Wed, 19 May 2021 11:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 19 May 2021 11:49 PM IST
सार

  • शहर के 15 निजी अस्पतालों हैं कोविड के उपचार के लिए चयनित, मरीज न होने से कई ने किया गैर कोविड करने के लिए आवेदन
  • आज निजी अस्पताल संचालकों और जिला प्रशासन की बैठक में लिया जाएगा निर्णय

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Permission sought from the administration to close the beds in the private Kovid hospital in the city
बेड - फोटो : amar ujala

विस्तार

शहर में संचालित निजी कोविड अस्पतालों को बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में बुधवार को ही निर्णय होना था लेकिन बारिश की वजह से बैठक नहीं हो सकी। अब बृहस्पतिवार को बैठक कर कई निजी अस्पतालों को नॉन कोविड घोषित कर दिया जाएगा। निजी कोविड अस्पतालों में बुधवार तक करीब 83 फीसदी बेड खाली हो चुके थे।

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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शहर में संचालित 15 निजी कोविड अस्पतालों में से कई अस्पतालों ने नॉन कोविड मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के समक्ष आवेदन किया है। उस पर विचार चल रहा है। इन कोविड अस्पतालों में तकरीबन 11 सौ बेड हैं। इनमें से 83 फीसदी बेड खाली हैं। दो-तीन अस्पताल तो ऐसे हैं, जो पूरी तरह से खाली हो चुके हैं। नए मरीज भर्ती ही नहीं हुए। जबकि इनमें से कुछ ऐसे भी हैं, जिनके यहां गिनती के मरीज भर्ती हैं। दो-तीन दिनों में मरीजों की आइसोलेशन अवधि पूरी हो जाएगी। उसके बाद हॉस्पिटल कोविड मरीजों से खाली हो जाएंगे। 

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Permission sought from the administration to close the beds in the private Kovid hospital in the city
बेड - फोटो : amar ujala
कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि नए मरीजों की संख्या में लगातार कमी होने से जिले में एक्टिव केसाें की संख्या तकरीबन ढाई हजार के करीब आ गई है। उसमें से भर्ती होने वाले तकरीबन 83 फीसदीी मरीज स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, रेलवे और कालिंदीपुरम में भर्ती हैं जबकि निजी अस्पतालों में केवल 17 फीसदी यानी पौने दो सौ ही मरीजों का उपचार चल रहा है। ऐसी स्थिति को देखते हुए निजी अस्पतालों को गैर कोविड करने का निर्णय लिया गया है। आधा दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों ने इसके लिए आवेदन भी कर दिया है। बृहस्पतिवार को इस बारे में बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। कोविड मरीज न होने पर निजी अस्पतालों को गैर कोविड मरीजों को भर्ती कर उपचार करने के लिए कहा जाएगा।

सरकारी अस्पतालों में 67 फीसदी बेड खाली

निजी अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पतालों के बेड ज्यादा खाली हैं। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, रेलवे और कालिंदीपुरम में कुल मिलाकर 1456 बेड हैं। इसमें से 987 बेड खाली हैं। सबसे अधिक बेड कालिंदीपुरम आइसोलेशन सेंटर के खाली हैं। यहा कुल बेड के मुकाबले केवल पांच फीसदी कोविड मरीजों का उपचार चल रहा है। इसी तरह बेली में 86 फीसदी, रेलवे हॉस्पिटल के 82 फीसदी बेड खाली हैं। जबकि स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में 72 फीसदी बेड फुल हैं। वहां केवल 28 फीसदी बेड खाली हैं।
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