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Prayagraj News: न्यायिक आयोग के समक्ष लोगों ने खोली मेला प्रशासन की पोल
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मौनी अमावस्या पर हुए हादसे में 30 श्रद्धालुओं की माैत के मामले की जांच करने पहुंची न्यायिक आयोग की टीम के समक्ष ही पीड़ितों ने मेला प्रशासन की पोल खोल दी। एसआरएन अस्पताल आई टीम से लोगों ने बताया कि वह दूसरे हादसे के शिकार हुए हैं। जब आयोग ने सवालिया निगाहों से मेला प्रशासन की ओर देखा तो उन्होंने सिर्फ एक ही घटना का जिक्र किया।
न्यायिक आयोग से जुड़े सूत्रों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, शुक्रवार को मेला पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मौनी अमावस्या पर सिर्फ एक हादसे की ही जानकारी दी थी। लेकिन, जब आयोग ने अस्पताल में भर्ती घायलों ने पूछताछ की तो इसमें दो अलग-अलग घटनाओं का जिक्र सामने आया।
इसके बाद आयोग ने जब सवालिया निगाहों से मेला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों देखा तो उन्होंने सिर्फ संगम नोज पर हुई एक ही घटना का जिक्र किया। दूसरी घटना में सात महिलाओं की मौत का कहीं कोई जिक्र नहीं किया गया।
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घायलों से बातचीत में महत्वपूर्ण तथ्यों को आयोग की टीम ने नोट किया है। इन बयानों के बाद मेला पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मेला क्षेत्र में हुईं घटनाओं की वास्तविक संख्या क्या है और कितने लोगों की मौत हुई, अब यह न्यायिक आयोग को जांच में देखना-तय करना है।
न्यायिक आयोग के अध्यक्ष हर्ष कुमार का कहना है कि निरीक्षण के दाैरान मिले साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण कर जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही इस संबंध में अधिकारियों के लिखित बयान दर्ज किए जाएंगे।
लखनऊ में न्यायिक आयोग ने की बैठक
प्रयागराज में घटनास्थल और अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद शनिवार को न्यायिक आयाेग की टीम ने लखनऊ पहुंचकर बैठक की। मौके से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरों पर भी चर्चा की गई। बताते हैं कि वसंत पंचमी के अमृत स्नान के बाद न्यायिक आयोग की टीम फिर प्रयागराज आएगी। आयोग को इस हादसे की जांच एक माह के भीतर पूरी करनी है।
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न्यायिक आयोग से जुड़े सूत्रों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, शुक्रवार को मेला पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मौनी अमावस्या पर सिर्फ एक हादसे की ही जानकारी दी थी। लेकिन, जब आयोग ने अस्पताल में भर्ती घायलों ने पूछताछ की तो इसमें दो अलग-अलग घटनाओं का जिक्र सामने आया।
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इसके बाद आयोग ने जब सवालिया निगाहों से मेला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों देखा तो उन्होंने सिर्फ संगम नोज पर हुई एक ही घटना का जिक्र किया। दूसरी घटना में सात महिलाओं की मौत का कहीं कोई जिक्र नहीं किया गया।
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घायलों से बातचीत में महत्वपूर्ण तथ्यों को आयोग की टीम ने नोट किया है। इन बयानों के बाद मेला पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मेला क्षेत्र में हुईं घटनाओं की वास्तविक संख्या क्या है और कितने लोगों की मौत हुई, अब यह न्यायिक आयोग को जांच में देखना-तय करना है।
न्यायिक आयोग के अध्यक्ष हर्ष कुमार का कहना है कि निरीक्षण के दाैरान मिले साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण कर जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही इस संबंध में अधिकारियों के लिखित बयान दर्ज किए जाएंगे।
लखनऊ में न्यायिक आयोग ने की बैठक
प्रयागराज में घटनास्थल और अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद शनिवार को न्यायिक आयाेग की टीम ने लखनऊ पहुंचकर बैठक की। मौके से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरों पर भी चर्चा की गई। बताते हैं कि वसंत पंचमी के अमृत स्नान के बाद न्यायिक आयोग की टीम फिर प्रयागराज आएगी। आयोग को इस हादसे की जांच एक माह के भीतर पूरी करनी है।