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पीसीएस 2017 टॉपर अमित शुक्ला बोले- हर तीन दिन के बाद एक ब्रेक जरूरी
Fri, 11 Oct 2019 01:15 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 11 Oct 2019 01:15 AM IST
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PCS 2017 Topper
- फोटो : CITY DESK
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पीसीएस-2017 के टॉपर रहे अमित शुक्ला पीसीएस-2015 एवं पीसीएस-2016 में भी शामिल हुए थे। 2015 के मेंस में सफलता नहीं मिली लेकिन, पीसीएस 2016 में वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर उनका चयन हो गया। इससे वह संतुष्ट नहीं हुए। साल दर साल उन्होंने अपना मूल्यांकन किया और आगे बढ़ते गए। नतीजा कि तीसरे प्रयास में उन्होंने पीसीएस में टॉप किया।
अमित का मानना है कि परीक्षा की तैयारी घड़ी देखकर नहीं करनी चाहिए। जरूरी नहीं कि रोज आठ से दस घंटे तक पढ़ें, बल्कि एक दिन, एक सप्ताह या एक माह का लक्ष्य लेकर चलें और उसे पूरा करें। अमित का कहना है कि वह हर तीन दिन का लक्ष्य निर्धारित करते हैं और इसके बाद आधे दिन का ब्रेक लेते हैं। फुरसत के वक्त वह क्रिकेट के पुराने मैच या कॉमिक्स पढ़ते हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद भी अमित ने समाजकार्य और भूगोल विषय से पीसीएस की परीक्षा टॉप की।
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अमित का कहना है कि समाजकार्य विषय इसलिए चुना, क्योंकि वह स्कोरिंग है और भूगोल विषय में उन्हें शुरू से रुचि थी। अमित मानते हैं कि तैयारी करने वाले हर प्रतियोगी छात्र का यह मूल्यांकन जरूर करना चाहिए कि वह कहां खड़ा है और इसी मूल्यांकन के आधार पर खुद को अपडेट करते रहना चाहिए। अमित शुरू से ही अंग्रेजी माध्यम से पढ़े और इसी माध्यम से उन्होंने पीसीएस की परीक्षा दी।
अमित का मानना है कि माध्यम मायने नहीं रखता। सही चीज पढ़ने की जरूरत है। अभ्यर्थियों को राज्यसभा टीवी जैसी आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करना चाहिए। साथ ही एजुकेशनल वेबसाइट को भी जरूर देखना चाहिए।
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अमित का मानना है कि परीक्षा की तैयारी घड़ी देखकर नहीं करनी चाहिए। जरूरी नहीं कि रोज आठ से दस घंटे तक पढ़ें, बल्कि एक दिन, एक सप्ताह या एक माह का लक्ष्य लेकर चलें और उसे पूरा करें। अमित का कहना है कि वह हर तीन दिन का लक्ष्य निर्धारित करते हैं और इसके बाद आधे दिन का ब्रेक लेते हैं। फुरसत के वक्त वह क्रिकेट के पुराने मैच या कॉमिक्स पढ़ते हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद भी अमित ने समाजकार्य और भूगोल विषय से पीसीएस की परीक्षा टॉप की।
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अमित का कहना है कि समाजकार्य विषय इसलिए चुना, क्योंकि वह स्कोरिंग है और भूगोल विषय में उन्हें शुरू से रुचि थी। अमित मानते हैं कि तैयारी करने वाले हर प्रतियोगी छात्र का यह मूल्यांकन जरूर करना चाहिए कि वह कहां खड़ा है और इसी मूल्यांकन के आधार पर खुद को अपडेट करते रहना चाहिए। अमित शुरू से ही अंग्रेजी माध्यम से पढ़े और इसी माध्यम से उन्होंने पीसीएस की परीक्षा दी।
अमित का मानना है कि माध्यम मायने नहीं रखता। सही चीज पढ़ने की जरूरत है। अभ्यर्थियों को राज्यसभा टीवी जैसी आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करना चाहिए। साथ ही एजुकेशनल वेबसाइट को भी जरूर देखना चाहिए।
चाचा चौधरी, बिल्लू के लिए भी निकालते हैं वक्त
अमित के पास लैपटॉप में राज कॉमिक्स का कलेक्शन है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से कुछ वक्त निकालकर चाचा चौधरी, बिल्लू, पिंकी, नागराज जैसे करेक्टर को जरूर पढ़ते हैं। अमित को क्रिकेट देखना भी पसंद है और खासतौर पर पुराने मैच।
नौकरी छोड़ जुट गए तैयारी में
अमित ने गंगागुरुकुलम, फाफामऊ से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई की। दसवीं की परीक्षा 81 फीसदी और बारहवीं की परीक्षा 84 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इसके बाद वर्ष 2014 में एनआईटी भोपाल से मैकेनिकल में बीटेक किया अमित ने कुछ दिनों तक एक निजी कंपनी में नौकरी की लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और तैयारी के लिए दिल्ली चले गए। गंगागुरुकुलम की प्रधानाचार्य अल्पना डे ने अमित के चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
घर में जश्न का माहौल
पीसीएस-2017 के टॉपर अमित शुक्ला मूलत: कुंडा, प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं लेकिन वह और उनका पूरा परिवार अब प्रयागराज के भोलई का पुरवा इलाके में रहता है। अमित के पिता उमाकांत शुक्ला दरभंगा कॉलोनी स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर में मैनेजर हैं और मां क्षमा शुक्ला गृहणी हैं। अमित के छोटे भाई सुमित इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र हैं। पीसीएस में अमित को मिली इस सफलता से घर में जश्न का माहौल है।
नौकरी छोड़ जुट गए तैयारी में
अमित ने गंगागुरुकुलम, फाफामऊ से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई की। दसवीं की परीक्षा 81 फीसदी और बारहवीं की परीक्षा 84 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इसके बाद वर्ष 2014 में एनआईटी भोपाल से मैकेनिकल में बीटेक किया अमित ने कुछ दिनों तक एक निजी कंपनी में नौकरी की लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और तैयारी के लिए दिल्ली चले गए। गंगागुरुकुलम की प्रधानाचार्य अल्पना डे ने अमित के चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
घर में जश्न का माहौल
पीसीएस-2017 के टॉपर अमित शुक्ला मूलत: कुंडा, प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं लेकिन वह और उनका पूरा परिवार अब प्रयागराज के भोलई का पुरवा इलाके में रहता है। अमित के पिता उमाकांत शुक्ला दरभंगा कॉलोनी स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर में मैनेजर हैं और मां क्षमा शुक्ला गृहणी हैं। अमित के छोटे भाई सुमित इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र हैं। पीसीएस में अमित को मिली इस सफलता से घर में जश्न का माहौल है।