Prayagraj : पीसीबी हास्टल के छात्रों ने किया थाने का घेराव, पुलिस ने उपद्रवियों पर दर्ज किया केस
एक दिन पहले पीसीबी हॉस्टल में छेड़खानी का विरोध करने पर एक युवक को गोली मार दी गई थी और उसकी कार में तोड़फोड़ कर दी गई थी। इस मामले में उपद्रवियों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए छात्रों ने रात में थाने का घेराव किया।
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पीसीबी हॉस्टल गेट के सामने हुए मारपीट व फायरिंग के मामले को लेकर शुक्रवार घंटों तक छात्रों ने थाने का घेराव किया और बाहर से आए उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। फिलहाल सभी को समझा बुझाकर वापस भेज दिया गया।
वहीं हॉस्टल के वार्डन डॉ. सुजीत सिंह ने बताया कि जिस तरह से बुधवार की रात तीन-चार गाड़ियों से भर कर आए बाहरी उपद्रवियों ने हॉस्टल में मारपीट कर फायरिंग की उससे पूरे हॉस्टल के रहने वाले छात्रों में भय व्याप्त है। सभी छात्र असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किया जाएगा तो सभी छात्र सड़क पर उतरने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
एसीपी कर्नलगंज का कहना है कि हॉस्टल से आए हुए सभी छात्र उस रात फायरिंग करने वाले छात्रों के साथी हैं। क्राॅस एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। सभी को समझा बुझाकर वापस भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
गोली से घायल छात्र के पिता ने तीन हमलावरों पर दर्ज कराया केस
पीसीबी हाॅस्टल के सामने बुधवार रात गोली से घायल छात्र अमरेंद्र नाथ मिश्रा के पिता देवेंद्र नाथ मिश्र ने तीन हमलावर विकास उपाध्याय, आयुष सिंह व नितिन सिंह कौशिक के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
पुलिस को दी तहरीर में देवेंद्र नाथ ने बताया कि बुधवार रात करीब 11:30 बजे पीसीबी हाॅस्टल में रहने वाले छात्र विकास उपाध्याय ने उनके बेटे अमरेंद्र को फोन कर हास्टल के बाहर बुलाया। वहां पहुंचने पर किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद विकास, आयुष सिंह व नितिन सिंह ने अन्य साथियों के साथ मिलकर उनके बेटे के साथ गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने लगे और कार के शीशे भी तोड़ दिए।
इस दौरान किसी तरह से उनका बेटा वहां से जान बचाकर भागा और बैंक रोड चौराहे के पास कार से उतरकर अपने दोस्त सूरज से बात करने लगा। तभी दो बाइक पर सवार चार लोग वहां आए और विकास बाबा ने उनके बेटे के ऊपर फायरिंग कर दिया, जिससे गोली उनके बेटे के बाएं तरफ छूती हुई निकल गई।