फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Patients who are suffering from a shortage of cash, medicine, to be investigated

मरीज झेल रहे कैश की किल्लत, दवाई-जांच मुश्किल

Sat, 24 Dec 2016 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 24 Dec 2016 01:38 AM IST
विज्ञापन
Patients who are suffering from a shortage of cash, medicine, to be investigated
swipe card
कैशलेस अर्थव्यवस्था के दावों के बीच उपजी अव्यवस्था तथा दर्द झेल रहे लोगों के ये केवल कुछ उदाहरण मात्र नहीं हैं। बड़ी संख्या में लोगों को रोजाना इस तरह की दुरुह स्थिति से गुजरना पड़ रहा है। स्वरूपरानी अस्पताल पहुंचे धीरेंद्र कुमार, अल्लापुर के अरविंद सिंह आदि तो दवा नहीं मिलने पर रो पड़े। उनके मरीज की स्थिति काफी खराब थी।
विज्ञापन


नोटबंदी के झटके से 45 दिन बीत जाने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिली है। सबसे अधिक परेशानी मरीजों को है। उनके लिए डॉक्टर की फीस, जांच कराना और भर्ती होने पर अस्पतालों का बिल चुकाना मुश्किल हो रहा है। कई तो उपचार भी नहीं करा पा रहे। हालांकि कुछ अस्पतालों ने चेक, एटीएम से भी बिल लेने की व्यवस्था कर रखी है लेकिन ऐसे गिनती के हैं। सरकार ने सरकारी अस्पतालों और दवा की दुकानों पर पुराने नोटों की लेने की छूट दे रखी थी लेकिन अब वह भी बंद है। ऐसे में लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। 
विज्ञापन


 इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आलोक मिश्र कहते हैं कि अभी अधिकतर अस्पतालों में स्वैप मशीन नहीं है। हालांकि चेक लिए जा रहे हैं लेकिन बहुत सारे मरीज ऐसे आ रहे हैं जिनके पास न तो चेक है और न ही एटीएम। इसके चलते उन्हें परेशानी है। ड्रग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल द्विवेदी कहते हैं कि नोटबंदी के चलते दवा का कारोबार पहले के मुकाबले 50 फीसदी रह गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed