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दस घंटे में बन गए 1634 नए प्रधान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 13 Dec 2015 11:53 PM IST
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पहले महीनों प्रचार में ताकत झोंकी, फिर नामांकन, चुनाव चिह्न आवंटन और मतदान में उलझे रहे और इसके बाद कई दिनों तक परिणाम का इंतजार किया। रविवार को महज दस घंटे में इस पूरी मेहनत का निचोड़ सामने आ गया। सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना शाम छह बजे पूरी हो गई और 1634 ग्राम पंचायतों को नए प्रधान मिल गए जबकि तीन अन्य ग्राम पंचायतों में पहले ही प्रधान पद पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।
इसके साथ ग्राम पंचायत सदस्य के भी सैकड़ों पदों पर मतगणना का काम पूरा हो गया। मतगणना के दौरान छिटपुट झड़प को छोड़ दें तो माहौल शांत रहा लेकिन विजय जुलूस पर प्रतिबंध का आदेश बेअसर दिखा। वोटों की गिनती पूरी होने के बाद मेजा और कौड़िहार में दो पक्षों के बीच भिड़ंत हो गई। जमकर ईंट-पत्थर चले, हवाई फायरिंग हुई और आधा दर्जन लोग घायल हुए। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हालांकि ज्यादतार ब्लॉकों में विजय जुलूस पर प्रतिबंध बेअसर दिखा और खुलेआम जुलूस निकाले गए।
ग्राम प्रधान के कुल 1637 पदों में तीन सीटों पर पहले ही निर्विरोध निर्वाचन हो चुका था। बाकी के 1634 पदों पर कुल 14 हजार 513 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर लगी थी। वहीं, ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 6600 प्रत्याशी मतगणना पर नजरें टिकाए बैठे थे। जिला पंचायत चुनाव की मतगणना मेें हुई अव्यवस्था से सबक लेकर इस बार निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रशासन ने ग्राम पंचायत की मतगणना में ढाई गुना अधिक कर्मचारी और टेबल लगाए। इस का असर देखने को मिला। तकरीबन 10 घंटे में ही परिणाम सामने आ गए। मतगणना स्थलों पर सुरक्षा का घेरा इतना तगड़ा था। किसी भी विवाद पर हंगामा शुरू होने से पहले दबा दिया गया। हालांकि मतगणना के बाद कई ग्राम पंचायतों में सुरक्षा व्यवस्था में ढील दे दी गई। नतीजा कि प्रत्याशी आपस में भिड़ गए और बवाल शुरू हो गया।
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मेजा के दरी गांव में नवनिर्वाचित प्रधान और दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी के बीच मतगणना के बाद झड़प हो गई। समर्थक एक-दूसरे पर पथराव करने लगे। मारपीट हुई और हवाई फायरिंग भी की गई। पुलिस ने लाठी लेकर खदेड़ा तो उपद्रवी भाग खड़े हुए। वहीं, कौड़िहार ब्लॉक के कमालापुर गांव में भी जीत का जश्न मनाने वाले का हारने वाले प्रत्याशी ने विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई और जमकर मारपीट हुई। दोनों तरफ से आधा दर्ज लोग घायल हो गए। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। मतगणना के दौरान डीएम संजय कुमार, एसएसपी केएस इमैनुएल लगातार मतगणना केंद्रों का दौरा करते रहे और निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ मतगणना पूरी कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।
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इसके साथ ग्राम पंचायत सदस्य के भी सैकड़ों पदों पर मतगणना का काम पूरा हो गया। मतगणना के दौरान छिटपुट झड़प को छोड़ दें तो माहौल शांत रहा लेकिन विजय जुलूस पर प्रतिबंध का आदेश बेअसर दिखा। वोटों की गिनती पूरी होने के बाद मेजा और कौड़िहार में दो पक्षों के बीच भिड़ंत हो गई। जमकर ईंट-पत्थर चले, हवाई फायरिंग हुई और आधा दर्जन लोग घायल हुए। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हालांकि ज्यादतार ब्लॉकों में विजय जुलूस पर प्रतिबंध बेअसर दिखा और खुलेआम जुलूस निकाले गए।
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ग्राम प्रधान के कुल 1637 पदों में तीन सीटों पर पहले ही निर्विरोध निर्वाचन हो चुका था। बाकी के 1634 पदों पर कुल 14 हजार 513 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर लगी थी। वहीं, ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 6600 प्रत्याशी मतगणना पर नजरें टिकाए बैठे थे। जिला पंचायत चुनाव की मतगणना मेें हुई अव्यवस्था से सबक लेकर इस बार निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रशासन ने ग्राम पंचायत की मतगणना में ढाई गुना अधिक कर्मचारी और टेबल लगाए। इस का असर देखने को मिला। तकरीबन 10 घंटे में ही परिणाम सामने आ गए। मतगणना स्थलों पर सुरक्षा का घेरा इतना तगड़ा था। किसी भी विवाद पर हंगामा शुरू होने से पहले दबा दिया गया। हालांकि मतगणना के बाद कई ग्राम पंचायतों में सुरक्षा व्यवस्था में ढील दे दी गई। नतीजा कि प्रत्याशी आपस में भिड़ गए और बवाल शुरू हो गया।
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मेजा के दरी गांव में नवनिर्वाचित प्रधान और दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी के बीच मतगणना के बाद झड़प हो गई। समर्थक एक-दूसरे पर पथराव करने लगे। मारपीट हुई और हवाई फायरिंग भी की गई। पुलिस ने लाठी लेकर खदेड़ा तो उपद्रवी भाग खड़े हुए। वहीं, कौड़िहार ब्लॉक के कमालापुर गांव में भी जीत का जश्न मनाने वाले का हारने वाले प्रत्याशी ने विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई और जमकर मारपीट हुई। दोनों तरफ से आधा दर्ज लोग घायल हो गए। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। मतगणना के दौरान डीएम संजय कुमार, एसएसपी केएस इमैनुएल लगातार मतगणना केंद्रों का दौरा करते रहे और निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ मतगणना पूरी कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।