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पचास साल बाद कुनबे के कब्जे से फिसली सीट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 03 Nov 2015 11:55 PM IST
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करछना के पूर्व प्रमुख रंग बहादुर पांडेय के परिवार के किसी सदस्य को आखिर 50 साल बाद हार का मुंह देखना ही पड़ा। दो बार ब्लॉक प्रमुख, एक बार जिला पंचायत सदस्य और तीन बार प्रधान रह चुके रंग बहादुर के पुत्र अखिल को क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के चुनाव में उज्ज्वल टिकैट ने शिकस्त दी।
रंग बहादुर की पत्नी तीन पर प्रधान रह चुकी हैं तो उनके भाई भी दो बार ग्राम प्रधान चुने जा चुके हैं। इससे पहले परिवार में अगर किसी सदस्य को हार का मुंह देखना पड़ा तो वह रंग बहादुर के भाई की पत्नी हैं, जो 2000 के प्रधानी के चुनाव में रानीदेवी से हारी थीं लेकिन दो साल बाद ही प्रधानी को शून्य कर दिया गया और बाकी का समय कोर्ट में बीत गया। रंग बहादुर के पुत्र को हराने वाले उज्ज्वल टिकैट इस बार ब्लॉक प्रमुख के मजबूत दावेदार हैं। उन्हें पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह का करीबी माना जाता है।
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रंग बहादुर की पत्नी तीन पर प्रधान रह चुकी हैं तो उनके भाई भी दो बार ग्राम प्रधान चुने जा चुके हैं। इससे पहले परिवार में अगर किसी सदस्य को हार का मुंह देखना पड़ा तो वह रंग बहादुर के भाई की पत्नी हैं, जो 2000 के प्रधानी के चुनाव में रानीदेवी से हारी थीं लेकिन दो साल बाद ही प्रधानी को शून्य कर दिया गया और बाकी का समय कोर्ट में बीत गया। रंग बहादुर के पुत्र को हराने वाले उज्ज्वल टिकैट इस बार ब्लॉक प्रमुख के मजबूत दावेदार हैं। उन्हें पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह का करीबी माना जाता है।
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