Owner Killing : कैसा बाप! बेटियों पर चाकू से किए दर्जनों वार, छोटी बेटी की आतें तक निकाल लीं बाहर
दरवाजा तोड़कर पुलिसकर्मी भीतर दाखिल हुए तो ठीक सामने तख्त के पास ही मनीष का शव फंदे पर लटका मिला। उसने साड़ी को पंखे के हुक में फंसाकर फंदा बनाया था। उसके हाथ व शरीर के अन्य हिस्सों में खून के छींटे भी थे।
विस्तार
दो मासूम बेटियों को बेरहमी से कत्ल करने वाले मनीष प्रजापति के सिर पर खून सवार था। उसने दाेनों बेटियों पर एक-दो नहीं बल्कि दर्जनों वार किए। चाकू से हुए हमले में छोटी बेटी की तो आंतें तक तक बाहर निकल आई थीं। शवों की हालत ऐसी थी कि पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दरवाजा तोड़कर पुलिसकर्मी भीतर दाखिल हुए तो ठीक सामने तख्त के पास ही मनीष का शव फंदे पर लटका मिला। उसने साड़ी को पंखे के हुक में फंसाकर फंदा बनाया था। उसके हाथ व शरीर के अन्य हिस्सों में खून के छींटे भी थे।
बगल में ही जमीन पर दोनों बेटियां खून से लथपथ मृत पड़ीं थीं। दोनों को बेरहमी से मारा गया था। चाकू से पेट व सीने में कई वार किए गए थे। छोटी बेटी खुशबू (3) का शव तो क्षत विक्षत हो गया था। चाकू से हुए जोरदार हमले में उसका पेट फट गया था और आंतें तक बाहर आ गई थीं। यह देख पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए। बड़ी बेटी के भी हाथ व पेट पर वार किए गए थे। उधर, संगीता ने जब पति व दोनों बेटियों के शव देखे तो बेसुध सी हो गई। महिला पुलिसकर्मी व आसपास की अन्य महिलाओं ने उसे किसी तरह संभाला। होश में आने पर वह फूट-फूटकर रोती रही।
तार काटने वाले चाकू से की वारदात
पुलिस सूत्रों का कहना है कि घटनास्थल पर ही बड़ा चाकू बरामद हुआ। यह घरेलू चाकू नहीं था। इस तरह का चाकू तार काटने के काम में आता है। मनीष इलेक्ट्रीशियन का भी काम करता था, ऐसे में उसके पास इस तरह के औजार पहले से थे। फोरेंसिक टीम ने चाकू से फिंगर प्रिंट के नमूने भी एकत्र किए। बाद में पुलिस ने इसे कब्जे में ले लिया।
मासूमों को मारते वक्त कैसे नहीं कांपे हाथ?
मौके पर जमा स्थानीय लोगों को जब बेटियों के बेरहमी से कत्ल किए जाने की जानकारी मिली तो वह यही चर्चा करते रहे कि ऐसा करते वक्त मनीष के हाथ कैसे नहीं कांपे? नाम न बताने की शर्त पर पड़ोस में ही रहने वाले एक युवक ने बताया कि मनीष का मोहल्ले में कभी किसी से विवाद नहीं हुआ। वह अपने काम से काम रखता था।