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हाईकोर्ट : हिस्ट्रीशीटर पप्पू गंजिया की अग्रिम जमानत अर्जी पर विवेचक और थाना प्रभारी पर कार्रवाई के आदेश

Mon, 31 Oct 2022 10:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 31 Oct 2022 10:13 PM IST
सार

मामले में जावेद उर्फ पप्पू गंजिया ने अपनी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पहले बताया गया कि याची के खिलाफ 40 आपराधिक इतिहास हैं।

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Order of action on the investigator and the in-charge of the police station on the anticipatory bail applicati
कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

जिला न्यायाधीश संतोष राय ने हिस्ट्रीशीटर जावेद उर्फ पप्पू गंजिया की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मामले के विवेचक और थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। जिला न्यायाधीश ने कहा है कि इस मामले में विवेचक और थाना प्रभारी की ओर से घोर लापरवाही की गई है और न्यायालय के आदेशों की अवहलेना की गई है। लिहाजा, दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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मामले में जावेद उर्फ पप्पू गंजिया ने अपनी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पहले बताया गया कि याची के खिलाफ 40 आपराधिक इतिहास हैं। जबकि, याची की ओर से केवल सात आपराधिक इतिहास का विवरण दिया गया है। अभियोजन पक्ष की इस रिपोर्ट पर याची केअधिवक्ता ने आपत्ति जताई गई। कहा कि नैनी पुलिस अधिक आपराधिक इतिहास दिखाकर ईनाम घोषित कराकर हत्या करना चाहती है।

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इस पर थाने से दूसरी सूची भेजी गई, जिसमें याची के खिलाफ 30 मामले बताए गए। इस पर जिला न्यायाधीश ने विवेचक या थाना प्रभारी को तलब करते हुए स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कहा। इस दौरान नैनी पुलिस को स्पष्टीकरण देने केलिए लंबा समय दिया गया। नौ तिथियां बी गईं।


अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि से इस संबंध में जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि मामले नैनी पुलिस को सूचित किया गया है। लेकिन, उनकी ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है और न ही कोई उपस्थित हुआ है। शासकीय अधिवक्ता ने इसे न्यायहित में सही नहीं बताया। जिला न्यायाधीश ने स्थितियों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मामले के विवेचक और थाना प्रभारी पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

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