हाईकोर्ट : हिस्ट्रीशीटर पप्पू गंजिया की अग्रिम जमानत अर्जी पर विवेचक और थाना प्रभारी पर कार्रवाई के आदेश
मामले में जावेद उर्फ पप्पू गंजिया ने अपनी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पहले बताया गया कि याची के खिलाफ 40 आपराधिक इतिहास हैं।
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जिला न्यायाधीश संतोष राय ने हिस्ट्रीशीटर जावेद उर्फ पप्पू गंजिया की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मामले के विवेचक और थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। जिला न्यायाधीश ने कहा है कि इस मामले में विवेचक और थाना प्रभारी की ओर से घोर लापरवाही की गई है और न्यायालय के आदेशों की अवहलेना की गई है। लिहाजा, दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मामले में जावेद उर्फ पप्पू गंजिया ने अपनी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पहले बताया गया कि याची के खिलाफ 40 आपराधिक इतिहास हैं। जबकि, याची की ओर से केवल सात आपराधिक इतिहास का विवरण दिया गया है। अभियोजन पक्ष की इस रिपोर्ट पर याची केअधिवक्ता ने आपत्ति जताई गई। कहा कि नैनी पुलिस अधिक आपराधिक इतिहास दिखाकर ईनाम घोषित कराकर हत्या करना चाहती है।
इस पर थाने से दूसरी सूची भेजी गई, जिसमें याची के खिलाफ 30 मामले बताए गए। इस पर जिला न्यायाधीश ने विवेचक या थाना प्रभारी को तलब करते हुए स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कहा। इस दौरान नैनी पुलिस को स्पष्टीकरण देने केलिए लंबा समय दिया गया। नौ तिथियां बी गईं।
अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि से इस संबंध में जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि मामले नैनी पुलिस को सूचित किया गया है। लेकिन, उनकी ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है और न ही कोई उपस्थित हुआ है। शासकीय अधिवक्ता ने इसे न्यायहित में सही नहीं बताया। जिला न्यायाधीश ने स्थितियों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मामले के विवेचक और थाना प्रभारी पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।