Prayagraj : फ्लैट में रहस्यमय हाल में मृत मिलीं प्ले स्कूल की संचालिका
प्रीति मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली थी और पिछले कई सालों से राजरूपपुर स्थित अंबेडकर विहार आवास योजना चौफटका में फ्लैट नंबर 403 में रहती थी। उसका तलाक हो चुका था और वह अकेले ही रहती थी।
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धूमनगंज के राजरूपपुर में प्ले स्कूल संचालिका प्रीति तिवारी (40) फ्लैट के भीतर मृत पड़ी मिली। दो दिन से वह कमरे से बाहर नहीं आई थी। सोमवार दोपहर परिचित युवक ने गार्ड की मदद से दरवाजा तोड़ा तो घटना की जानकारी हुई। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि वह बीमार रहती थी। शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं मिला है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
प्रीति मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली थी और पिछले कई सालों से राजरूपपुर स्थित अंबेडकर विहार आवास योजना चौफटका में फ्लैट नंबर 403 में रहती थी। उसका तलाक हो चुका था और वह अकेले ही रहती थी। पुलिस के मुताबिक, मुंहबोले भाई पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि वह दो दिन से फोन कर रहे थे लेकिन प्रीति कॉल नहीं रिसीव कर रही थी।
सोमवार दोपहर में वह फ्लैट पर पहुंचा तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। आसपास के लोगों ने पूछने पर बताया कि दो दिन से उसे किसी ने देखा नहीं था। इसके बाद उसने गार्ड के साथ मिलकर दरवाजा तोड़ा तो वह बिस्तर पर मृत पड़ी मिली।
धूमनगंज इंस्पेक्टर अनूप सिंह ने बताया कि जांच पड़ताल में यह बात भी पता चली है कि मृतका डायबिटीज से ग्रसित थी। प्रथम दृष्टया यही लग रहा है कि बीमारी से मौत हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
आर्थिक परेशानी में भी थी मृतका
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच पड़ताल के बाद यह भी आशंका है कि मृतका आर्थिक तंगी से भी परेशान थी। दरअसल उनकी मौत की खबर पर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। इनमें अखबार विक्रेता भी था जिसने बताया कि उसका दो साल से भुगतान नहीं हुआ था।
उधर मुंहबोले भाई ने बताया कि मृतका राजापुर में संस्कार नाम से प्ले स्कूल चलाती थी लेकिन कोरोना काल में यह बंद हो गया। जिसके बाद उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने बताया कि मृतका के पिता अखिलेश तिवारी को सूचना दे दी गई है।