Atique Ahmed : बेहद गोपनीय रखा गया ऑपरेशन, आखिरी वक्त तक नहीं दी गई पुलिसकर्मियों को जानकारी
माफिया अतीक अहमद को साबरमती जेल से प्रयागराज लाए जाने के ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया। गोपनीयता का आलम यह रहा कि इस ऑपरेशन में शामिल किए गए पुलिसकर्मियों और यहां तक कि एसटीएफ के अफसरों को भी यह नहीं बताया गया कि उन्हें कहां जाना है।
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माफिया अतीक अहमद को साबरमती जेल से प्रयागराज लाए जाने के ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया। गोपनीयता का आलम यह रहा कि इस ऑपरेशन में शामिल किए गए पुलिसकर्मियों और यहां तक कि एसटीएफ के अफसरों को भी यह नहीं बताया गया कि उन्हें कहां जाना है।
सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार दोपहर अचानक एसटीएफ मुख्यालय पर तैनात तीन अफसरों को निर्देशित किया गया कि वह प्रयागराज पहुंचे। शुक्रवार देर शाम प्रयागराज पहुंचने पर उन्हें यह कहा गया कि एक विशेष ऑपरेशन के तहत उन्हें बाहर जाना है। वहां उन्हें तीन बोलेरो गाड़ियां सौंपी गई जिनमें से एसटीएफ के अफसर और प्रयागराज पुलिस के पांच इंस्पेक्टर और आठ दरोगा सवार हुए।
इसके साथ ही अत्याधुनिक हथियारों से लैस पुलिसकर्मी दो अलग-अलग वज्र वाहनों में सवार होकर प्रयागराज से चल दिए। इस दौरान अफसरों को रूट के संबंध में निर्देशित किया जाता रहा। टीम जब अहमदाबाद पहुंची तो उन्हें सीधे साबरमती जेल पहुंचने के लिए निर्देशित किया गया तब जाकर ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों को जानकारी हुई।
सिर्फ पांच अफसरों के पास मोबाइल
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस मामले में कहीं भी कोई चूक ना हो इसके लिए बेहद सतर्कता बरती जा रही है। जिसके तहत इस ऑपरेशन में शामिल सिर्फ पांच अफसरों के पास मोबाइल फोन है हैं। जबकि, अन्य सभी के मोबाइल पहले ही जमा करा लिए गए हैं। सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी ऑपरेशन के संबंध में किसी से बात नहीं करेगा। दरोगा और इंस्पेक्टरों को भी निर्देशित किया गया है कि वह किसी भी तरीके से मीडिया से भी बात नहीं करेंगे।
पर्दे से ढंकी गई वज्र वाहन की जाली, चारों तरफ लगाए गए पर्देयह भी बताया जा रहा है कि जिस वज्र वाहन से अतीक अहमद को प्रयागराज लाया जा रहा है, उसकी जालियां पर्दे से ढक दी गई हैं। चारों तरफ पर्दे लगा दिए गए हैं। इसका मकसद यह है कि बाहर के किसी भी व्यक्ति को यह ना पता चल सके कि अतीक अहमद किस तरफ बैठा है। इसके अलावा भीतर का भी कोई व्यक्ति बाहर से संपर्क ना कर सके।
स्पेशल जज एमपी एमएलए कोर्ट की ओर से जारी किया गया था आदेश
उमेश पाल अपहरण केस में फैसला सुनाए जाने के मद्देनजर अतीक अहमद को पेशी पर हाजिर करने के लिए स्पेशल जज एमपी एमएलए कोर्ट दिनेश चंद शुक्ला की ओर से आदेश जारी किया गया था। जेल अधीक्षक साबरमती जेल अहमदाबाद गुजरात के नाम से जारी आदेश में निर्देशित किया गया है कि 28 मार्च को सुबह 11:00 बजे अतीक अहमद को न्यायालय में हाजिर किया जाए। इस आदेश की प्रति प्रमुख सचिव गृह, एडीजी कानून व्यवस्था के साथ ही अन्य अफसरों को भी भेजी गई है। यह आदेश 20 मार्च को जारी किया गया है।