विश्वविद्यालय में बवाल : इविवि में ऑनलाइन परीक्षा के लिए हंगामा, पुलिस से धक्कामुक्की
छात्रों का कहना है कि जब पूरे साल ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया गया तो परीक्षाएं भी ऑनलाइन मोड में ही आयोजित की जानी चाहिए। वहीं, इविवि प्रशासन ने स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष और परास्नातक सम सेमेस्टर की परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में कराए जाने का निर्णय लिया है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में ऑफलाइन परीक्षा का विरोध और ऑनलाइन परीक्षा कराए जाने की मांग को लेकर हंगामा बढ़ता जा रहा है। तीन दिनों पहले परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव करने वाले छात्रों ने बृहस्पतिवार को फिर से घेराव किया और दोपहर बार विश्वविद्यालय परिसर के लिए मेन गेट को बंद कर दिया।
देर रात तक छात्र वहां बैठे रहे और शिक्षकों एवं कर्मचारियों को रेलिंग उखाड़कर छात्रसंघ भवन के सामने वाले गेट से निकलना पड़ा। यहां से भी सिर्फ दोपहिया वाहन ही बाहर निकल सके।
छात्रों का कहना है कि जब पूरे साल ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया गया तो परीक्षाएं भी ऑनलाइन मोड में ही आयोजित की जानी चाहिए। वहीं, इविवि प्रशासन ने स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष और परास्नातक सम सेमेस्टर की परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में कराए जाने का निर्णय लिया है।
छात्र अब इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं। तीन दिन पहले भी इस मुद्दे पर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर काफी हंगामा हुआ था। तब छात्रों को आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांगें परीक्षा समिति के समक्ष रखी जाएंगी और जो भी निर्णय होगा, उससे छात्रों को दो से तीन दिनों में अवगत करा दिया जाएगा।
छात्रसंघ भवन पर इकट्ठे हुए सैकड़ों छात्र
तीन दिनों तक इंतजार करने के बाद बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे छात्रसंघ भवन के बाद सैकड़ों छात्र इकट्ठा हो गए और सीधे परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहां पुलिस और छात्रों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। दोपहर तीन बजे तक परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर हंगामा चलता रहा।
इसके बाद छात्र लाइब्रेरी के सामने मेन गेट पर पहुंच गए और गेट को बंद कर दिया। मेन गेट बंद होने से विश्वविद्यालय में आवागमन बाधित हो गया। कुछ माह पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी थी, सो ज्यादातर शिक्षक पहले ही अपने चार पहिया वाहन लेकर परिसर से बाहर निकल चुके थे, जो अंदर रह गए वे अपने वाहन छोड़कर पैदल गए। वहीं, दोपहिया वाहन छात्रसंघ भवन के सामने लगी रेलिंग उखाड़कर निकाले गए।
परीक्षा नियंत्रक ने मांगा 14 दिन का वक्त
मेन गेट पर धरने पर बैठे छात्रों के बीच पहुंचे परीक्षा नियंत्रक प्रो. रमेंद्र कुमार सिंह ने छात्रों से 14 दिनों का वक्त मांगा, लेकिन छात्र कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि निर्णय तुरंत हो। परीक्षा नियंत्रक ने छात्रों को कोई आश्वासन नहीं दिया और छात्र भी देर रात तक वहां धरने पर डटे रहे। इस मौके पर छात्र नेता नवनीत यादव, अजय यादव सम्राट, अभिषेक द्विवेदी, हरिओम यादव, सत्यम कुशवाहा, मसूद अंसारी, सुनील केसरवानी, मनजीत पटेल, ललित सिंह आदि मौजूद रहे।