फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   One cannot wait for the wishes of the authorities for the treatment of prisoners.

हाईकोर्ट ने कहा : कैदियों के इलाज के लिए नहीं किया जा सकता अधिकारियों की इच्छा का इंतजार

Thu, 17 Oct 2024 01:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 17 Oct 2024 01:22 PM IST
सार

कोर्ट ने देवरिया के डीएम और एसपी से जवाबी हलफनामा तलब किया है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति समित गोपाल की अदालत ने देवरिया निवासी कयूमद्दीन की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी विचाराधीन बंदी की बीमारी के दौरान उसकी देखभाल और चिकित्सा सुविधा प्रदान करना राज्य की जिम्मेदारी है।

विज्ञापन
One cannot wait for the wishes of the authorities for the treatment of prisoners.
अदालत (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जेल में बंद कैदी के इलाज के लिए अधिकारियों की इच्छा का न इंतजार नहीं किया जा सकता है। साथ ही सरकार भी समुचित चिकित्सा व्यवस्था देने से इन्कार नहीं कर सकती है। कोर्ट ने देवरिया के डीएम और एसपी से जवाबी हलफनामा तलब किया है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति समित गोपाल की अदालत ने देवरिया निवासी कयूमद्दीन की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी विचाराधीन बंदी की बीमारी के दौरान उसकी देखभाल और चिकित्सा सुविधा प्रदान करना राज्य की जिम्मेदारी है।

विज्ञापन


जेल में बंद याची के 16 अप्रैल 2024 की ओर से किए गए आवेदन पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, देवरिया ने उचित चिकित्सा उपचार के लिए निर्देश दिया था। जेल अधीक्षक ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता का हवाला देते हुए उसका इलाज कराने से इन्कार कर दिया। हालांकि, यह भी कहा गया कि आदर्श आचार संहिता हटाए जाने के बाद समुचित उपचार प्रदान किया जाएगा।
विज्ञापन


खफा कोर्ट ने देवरिया के जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से मामले को देखने और अदालत को अगली तारीख पर अपने हलफनामे के माध्यम से यह सूचित करने का निर्देश दिया कि याची के लिए क्या पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। साथ ही कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को यह बताने का भी निर्देश दिया है कि किन परिस्थितियों में याची को सर्जरी के लिए मना किया गया। इसके लिए कौन जिम्मेदार था? कोर्ट ने कहा कि यदि सर्जरी की राय दी गई थी तो इसके लिए अधिकारियों की इच्छा पर इंतजार नहीं किया जा सकता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed