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गलत मतपत्र पहुंचने पर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 30 Oct 2015 01:49 AM IST
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हंडिया, 29 अक्तूबर। पंचायत चुनाव के चौथे चरण के तहत बृहस्पतिवार को हुए मतदान के दौरान हंडिया के लाक्षागृह मतदान केंद्र में गलत मतपत्र पहुंच जाने पर प्रत्याशियों के एजेंटों ने हंगामा कर दिया। पीठासीन अधिकारी ने इस गड़बड़ी की सूचना उच्चाधिकारियों को दी और बताया कि प्रत्याशियों और मतपत्र में चुनाव चिह्नों की संख्या में अंतर है। आला अफसरों के निर्देश पर वहां दो घंटे बाद सही मतपत्र पहुंचाए गए। इस दौरान मतदान रुका रहा।
हंडिया में जिला पंचायत सदस्य के वार्ड-12 ‘क’ (हंडिया तृतीय) से 32 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने से कुछ पहले लाक्षागृह मतदान केंद्र के चार बूथों पर मतपत्रों की सील खोली गई तो वहां मौजूद प्रत्याशियों के एजेंटों में खलबली मच गई। दअरसल, वहां से जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 32 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं लेकिन जो मतपत्र पहुंचा, उसमें महज 22 चुनाव चिह्न ही थे।
तमाम प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न मतपत्र से गायब थे, क्योंकि वहां गलती से किसी और वार्ड के मतपत्र पहुंच गए थे। यह देखते ही एजेंटों ने मतदान का विरोध शुरू कर दिया। हंगामा होने पर पीठासीन अधिकारी ने इसकी सूचना तत्काल उच्चधिकारियों को दी। इस बीच वहां मतदान रुका रहा। उधर, इस गलती की सूचना मिलने पर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा गया। आपाधापी में सही मतपत्रों को इंतजाम किया गया और दो घंटे बाद मतपत्र मौके पर पहुंचाए गए। मतपत्र देखकर जब एजेंट संतुष्ट हो गए तो उसके बाद सुबह तकरीबन नौ बजे मतदान शुरू कराया गया।
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हंडिया में जिला पंचायत सदस्य के वार्ड-12 ‘क’ (हंडिया तृतीय) से 32 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने से कुछ पहले लाक्षागृह मतदान केंद्र के चार बूथों पर मतपत्रों की सील खोली गई तो वहां मौजूद प्रत्याशियों के एजेंटों में खलबली मच गई। दअरसल, वहां से जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 32 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं लेकिन जो मतपत्र पहुंचा, उसमें महज 22 चुनाव चिह्न ही थे।
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तमाम प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न मतपत्र से गायब थे, क्योंकि वहां गलती से किसी और वार्ड के मतपत्र पहुंच गए थे। यह देखते ही एजेंटों ने मतदान का विरोध शुरू कर दिया। हंगामा होने पर पीठासीन अधिकारी ने इसकी सूचना तत्काल उच्चधिकारियों को दी। इस बीच वहां मतदान रुका रहा। उधर, इस गलती की सूचना मिलने पर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा गया। आपाधापी में सही मतपत्रों को इंतजाम किया गया और दो घंटे बाद मतपत्र मौके पर पहुंचाए गए। मतपत्र देखकर जब एजेंट संतुष्ट हो गए तो उसके बाद सुबह तकरीबन नौ बजे मतदान शुरू कराया गया।
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