प्रयागराज में शहर कांग्रेस कार्यालय में पदाधिकारियों में मारपीट, पहुंची पुलिस
- वर्चुअल धरने में आगे बैठने को लेकर शुरू हुई थी तू-तू मैं-मैं
- प्रदेश पदाधिकारियों तक पहुंची शिकायत, जांच कराने की मांग
विस्तार
चौक स्थित शहर कांग्रेस के जिस कार्यालय में बैठकर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, पीडी टंडन जैसे दिग्गज नेताओं ने देश की दशा और दिशा तय की, उसी कार्यालय में सोमवार को आगे बैठने को लेकर पार्टी के दो पदाधिकारी आपस में भिड़ गए और आपस में हाथापाई कर ली। इतना ही नहीं विवाद इतना बढ़ा कि मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। हालांकि, दोनों नेताओं के किसी के खिलाफ थाने में तहरीर नहीं दी है लेकिन प्रदेश हाईकमान तक शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग जरूर की है।
सोमवार को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय की ओर से प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदेश भर में वर्चुअल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। यहां भी जिला और शहर के पदाधिकारियों को कार्यालयों पर एकत्र होकर प्रदर्शन करना था। इसी के अंतर्गत सोमवार को चौक स्थित शहर कांग्रेस कार्यालय पर भी शहर कमेटी के सदस्यों के साथ पार्टी के फ्रंटल आर्गनाईजेशन के पदाधिकारी मौजूद थे। वर्चुअल प्रदर्शन सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे होना था। इसमें शहर कांग्रेस मंत्री इरशाद उल्ला और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष अरशद अली वारसी भी पहुंचे थे।
पूरे वर्चुअल प्रदर्शन के दौरान वह ऐसा करता रहे। वर्चुअल प्रदर्शन के बाद जब वहां मौजूद दूसरे नेता कार्यालय के प्रदर्शन हाल से नीचे उतर गए तो इरशाद पूरी तरह से पार्टी अनुशासन भूल बैठे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट उतारू हो गए। उधर, दोनों पदाधिकारियों के आपस में भिड़ने से हड़कंप मच गया। वहां मौजूद दूसरे नेता प्रदर्शन हाल में पहुंच आए और दोनों नेताओं को दूर किया। हंगामा की सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई। हालांकि, तब तक मामला शांत हो चुका था। किसी ने थाने में तहरीर नहीं दी है। उधर, अरशद अली वारसी का कहना है कि उन्होंने पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष से मामले की शिकायत कर जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।