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हाईकोर्ट : शौचालय निर्माण में ट्रांसजेंडर की संख्या न देखी जाए, पुरुष और महिलाओं के साथ ही बनवाया जाए

Thu, 13 Jul 2023 12:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 13 Jul 2023 12:34 PM IST
सार

याचियों ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने नगर निगम, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों का दौरा किया और पाया कि ट्रांसजेंडर व्यक्यिों के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की संख्या यूपी के पूर्व के मुकाबले पश्चिम जिलों में अधिक है।

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number of transgenders should not be seen in the construction of toilets, they should be made along with men a
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को विधि छात्रों की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर कहा कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए शौचालय निर्माण केवल उनकी जनसंख्या घनत्व के आधार पर न हो। उनके लिए भी यह व्यवस्था पुरुषों और महिलाओं के लिए बने सार्वजनिक शौचालयों के साथ की जानी चाहिए। भले ही वे उस क्षेत्र में न रहते हों। विशाल द्विवेदी व छह अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।

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याचियों ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने नगर निगम, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों का दौरा किया और पाया कि ट्रांसजेंडर व्यक्यिों के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की संख्या यूपी के पूर्व के मुकाबले पश्चिम जिलों में अधिक है। उन्होंने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की परेशानियों का भी जिक्र किया।

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प्रयागराज नगर निगम की ओर से कहा गया कि शहर भर में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए कम से कम पांच सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। यह भी बताया कि इसके लिए अभी और भी स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए शौचालयों के निर्माण करने में उनकी जनसंख्या घनत्व पर विचार नहीं किया जाना चाहिए।

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कोर्ट ने पक्षकारों के अधिवक्ताओं के आग्रह पर जवाब दाखिल करने के लिए पांच हफ्ते का समय दिया। साथ ही सुनवाई के लिए पांच सितंबर की तारीख तय कर दी। इसके साथ ही याचियों/विधि छात्रों को पारिश्रमिक और यात्रा व्यय प्रदान करने के निर्देश दिए।



 

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