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नहीं आया एनटीए का जवाब, नए शिक्षा मंत्री पर टिकी नजर
Thu, 08 Jul 2021 09:09 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 08 Jul 2021 09:09 PM IST
सार
- स्नातक, परास्नातक की प्रवेश परीक्षा को लेकर निर्णय का इंतजार
- इविवि प्रशासन के लिए तेजी से पिछड़ रहे सत्र को पटरी पर चुनौती
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prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) और संघटक महाविद्यालयों में स्नातक एवं परास्नातक की प्रवेश परीक्षा कब होगी, यह अभी तय नहीं हो सका है। इविवि प्रशासन को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के जवाब का इंतजार है। कोई जवाब न मिलने के कारण प्रवेश प्रक्रिया फंसी हुई है और सत्र तेजी से पिछड़ा रहा है। इस बीच शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव होने से इविवि प्रशासन के अफसरों की नजर अब नए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर टिकी है।
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इस बार केंद्र सरकार ने एनटीए को सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में संयुक्त रूप से प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। कोविड के कारण एनटीए की ओर से अब तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है। उधर, सत्र तेजी से पिछड़ रहा है। ऐसे में इविवि प्रशासन ने बीएएलएलबी, एलएलबी और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में अपने स्तर से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया। जल्द ही एजेंसी का चयन कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी, लेकिन बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी और एमकॉम में प्रवेश को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। इविवि प्रशासन की ओर से एनटीए और यूजीसी को कई पत्र भी भेजे गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
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prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
- फोटो : prayagraj
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारी कर रखी है कि अगर प्रवेश की जिम्मेदारी उसे दी जाती है तो जिस एजेंसी को प्रोफेशनल पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी जाएगी, उसी से अन्य पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा कराने की बात की जाएगी। अगर एजेंसी तैयार नहीं होती है तो फिर नए सिरे से टेंडर निकालकर दूसरी एजेंसी का चयन किया जाएगा। फिलहाल अभी यह तय नहीं हो सका है कि स्नातक एवं परास्नातक की प्रवेश परीक्षा एनटीए कराएगा या नहीं। इविवि प्रशासन के अफसरों को उम्मीद है कि नए शिक्षा मंत्री जल्द ही इस पर कोई निर्णय लेंगे, ताकि सत्र को पिछडने से रोका जा सके।