High Court : जिला जज व सीजेएम जौनपुर को गायब केस फाइल के फिर से तैयार करने के हर संभव प्रयास के निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीश व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जौनपुर को आपराधिक केस की गायब फाइल के एक माह में पुनर्निर्माण के हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया है और कहा है कि ऐसा न करने पर कोर्ट गंभीरता से लेगी।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीश व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जौनपुर को आपराधिक केस की गायब फाइल के एक माह में पुनर्निर्माण के हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया है और कहा है कि ऐसा न करने पर कोर्ट गंभीरता से लेगी। कोर्ट फाइल एक अभियुक्त लिपिक से छीन कर भाग गया। कोर्ट ने फाइल पुनर्निर्मित करने का आदेश दिया था। रिपोर्ट में केवल एक पेपर ही निर्मित होने की बात की गई। जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि केस डायरी व चार्जशीट पुलिस थाने से मंगाई जा सकती थी। सीजेएम जौनपुर ने सही प्रयास नहीं किया। जिस पर कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं और रिपोर्ट मांगी है। याचिका की सुनवाई 21 फरवरी को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति डी के सिंह ने मोहम्मद जुनैद की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका में राज्य बनाम इंद्र प्रताप तिवारी केस को शीघ्र तय करने का पहले ही जारी समादेश पर अमल करने की मांग की गई है। कोर्ट ने जिला जज से रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें बताया गया कि अभियुक्त राजकुमार सिंह कोर्ट फाइल लेकर भाग गया। जिसकी एफआईआर दर्ज हुई। चार्जशीट दाखिल है। केस लंबित है। केस की सुनवाई 15 मार्च को होगी।
इंद्र प्रताप तिवारी केस की फाइल न बन पाने के कारण सुनवाई नहीं हो पा रही है। केवल पेपर 18 ही बन सका है। इस पर कोर्ट ने कहा थाने से केस डायरी चार्जशीट मंगाई जा सकती थी। ठीक से प्रयास नहीं किया गया। कोर्ट ने हर संभव कोशिश कर गायब फाइल का पुनर्निर्माण करने का निर्देश दिया है।