फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Now Yamunapar will be the center of tourism dolphins black bucks will woo

प्रयागराज : अब पर्यटन का भी केंद्र होगा यमुनापार, लुभाएंगे डाल्फिन, काले हिरन

Sun, 18 Dec 2022 12:00 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 18 Dec 2022 12:00 AM IST
सार

मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत का कहना है कि इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग की ओर से इनके अलावा एक पार्क को भी पक्षी विहार के रूप में विकसित किया जाएगा। इनके लिए अनुमति मिल गई है। इनका प्रस्ताव एक महीने के भीतर तैयार हो जाएगा। इसके बाद शासन को भेजा जाएगा। महाकुंभ-2025 से पहले ये काम पूरे होने हैं।

विज्ञापन
Now Yamunapar will be the center of tourism dolphins black bucks will woo
डॉल्फिन - फोटो : Social media

विस्तार

कभी अभावों का पर्याय रहा यमुनापार का इलाका अब नई पहचान के साथ सामने होगा। यह पर्यटन का केंद्र बनने जा रहा है और मुख्य आकर्षण होंगे डाल्फिन एवं काले हिरन। गंगा में कछुआ एवं डाल्फिन सेंचुरी के निर्माण के साथ मेजा के चांद खमरिया स्थित काले हिरन के क्षेत्र को संरक्षित करने का निर्णय लिया गया है। इतना ही नहीं, इनके साथ ही अन्य प्रमुख स्थलों को जोड़ते हुए इको टूरिज्म सर्किट का निर्माण कराया जाएगा।

विज्ञापन



मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत का कहना है कि इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग की ओर से इनके अलावा एक पार्क को भी पक्षी विहार के रूप में विकसित किया जाएगा। इनके लिए अनुमति मिल गई है। इनका प्रस्ताव एक महीने के भीतर तैयार हो जाएगा। इसके बाद शासन को भेजा जाएगा। महाकुंभ-2025 से पहले ये काम पूरे होने हैं।

विज्ञापन

Now Yamunapar will be the center of tourism dolphins black bucks will woo
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

गंगा में 300 किमी के दायरे में होगी सेंचुरी
पूर्व में हुए सर्वे के दौरान गंगा में संगम तथा आसपास के क्षेत्रों में सात सौ से अधिक डाल्फिन पाई गई थीं। इसके बाद इस पूरे इलाके को डाल्फिन के लिए संरक्षित करने की योजना बनाई गई थी लेकिन 2019 में मेजा से भदोही के बीच करीब 30 किमी के दायरे में कछुआ सेंचुरी बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए नोटिफिकेशन भी हो चुका है।


इसकी वजह से डाल्फिन सेंचुरी को फतेहपुर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया था लेकिन मेजा के आसपास के क्षेत्र को ही डाल्फिन के लिए अनुकूल बताया जा रहा है। इसके अलावा पर्यटन के लिहाज से भी प्रयागराज में ही डाल्फिन सेंचुरी बनाने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में मेजा से भदोही के बीच ही कछुआ एवं डाल्फिन सेंचुरी बनाने का निर्णय लिया गया है।

Now Yamunapar will be the center of tourism dolphins black bucks will woo
काला हिरण। - फोटो : अमर उजाला

मेजा में पाए जाते हैं काले हिरन
संरक्षित वन्य जीवों में शामिल बड़ी संख्या में काले हिरन मेजा के चंाद खमरियां में पाए जाते हैं। वन विभाग की ओर से पूरे क्षेत्र को संरक्षित किया गया है लेकिन वे गांवों में घूस जाते हैं। इससे इनके शिकार की भी घटनाएं अक्सर होती हैं। ऐसे में इन्हें संरक्षित करने के साथ पूरे क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद लंबे समय से की जा रही है। 2016 में इस बाबत सर्वे भी कराया गया था। इसी क्रम में अब कुंभ से पहले पूरे क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed