तैयारी : बिजली की छापेमारी पर अब होगी तीसरी आंख की नजर, बॉडी वार्न कैमरे से लैस होगी जांच टीमें
प्रयागराज में प्रवर्तन दल की दो टीमें अलग-अलग छापेमारी की कार्रवाई करती हैं। पिछले एक सालों में दर्जनों बार विजलेंस की टीम के साथ मारपीट की घटनाएंं हुई हैं। वहीं, कई बार उपभोक्ताओं के घर चेकिंग करने पहुंची टीम कटियामारी या बिजली चोरी के अन्य तरीकों को साक्ष्य के रूप में पूरी तरह रिकॉर्ड नहीं कर पाती हैं।
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बिजली चोरी रोकने या पकड़ने के लिए विजलेंस टीम की छापेमारी पर अब तीसरी आंख की नजर होगी। टीम की छापेमारी की पूरी गतिविधियां अब कैमरे में रिकॉर्ड होंगी। उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन ने इस संबंध में बड़ा निर्णय लेते हुए जांच टीमों को बॉडी वार्न कैमरे से लैस करने का निर्णय लिया है। अब जांच दल की छापेमारी की पूरी कार्रवाई पर कंट्रोल रूम से निगाह रखी जा सकेगी। इससे उपभोक्ताओं की ओर से लगाए जा रहे आरोपों से विजलेंस की टीम को राहत तो मिलेगी ही, साथ ही प्रवर्तन दल के साथ हो रही मारपीट व विवादों की घटनाएं भी कैमरे में साक्ष्य के रूप में रिकॉर्ड हो जाएंगी।
प्रयागराज में प्रवर्तन दल की दो टीमें अलग-अलग छापेमारी की कार्रवाई करती हैं। पिछले एक सालों में दर्जनों बार विजलेंस की टीम के साथ मारपीट की घटनाएंं हुई हैं। वहीं, कई बार उपभोक्ताओं के घर चेकिंग करने पहुंची टीम कटियामारी या बिजली चोरी के अन्य तरीकों को साक्ष्य के रूप में पूरी तरह रिकॉर्ड नहीं कर पाती हैं। बाद में विवेचना के दौरान इसका फायदा बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं को मिलता है। जानकारी के मुताबिक बॉडी वार्न कैमरे में जीपीएस लोकेशन से लेकर ऑडियो-वीडियो सब स्वत: रिकॉर्ड होंगे।
इस रिकॉर्डिंग से छापेमारी के दौरान विजलेंस टीम के साथ हो रही सभी घटनाओं के साक्ष्य एकत्रित हो जाएंगे। कैमरे की नजर में हो रही छापेमारी से उपभोक्ताओं के मन में तो भय पैदा ही होगा, साथ ही भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। जानकारी के मुताबिक विजलेंस की टीम को जल्द ही यह बॉडी वार्न कैमरे मिल जाएगा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से जल्द ही यह कैमरे भेजे जाएंगे।
कहा जा रहा है कि कैमरे पूरी तरह से आधूनिक होंगे। यह आठ घंटे का बैटरी बैकअप देगा, ताकि रिकॉर्डिंग में किसी तरह की समस्या न आए। छापेमारी की पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी को रिकार्ड के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। ताकि जरूरत पड़ने पर इसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। मुख्य अभियंता पीके सिंह ने बताया कि साक्ष्यों के रहने से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो सकेगी।