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हाईकोर्ट ने कहा : पत्नी और बच्चों के गुजारे के लिए आठ हजार अधिक नहीं, पति की अर्जी कोर्ट ने की खारिज

Sat, 03 Aug 2024 04:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 03 Aug 2024 04:51 PM IST
सार

सोनभद्र के नीरज कुमार की पत्नी कंचन देवी ने परिवार न्यायालय में गुजारा भत्ता के लिए वाद दाखिल किया था। न्यायालय ने आठ नवंबर 2023 के आदेश से पत्नी और बच्चों के गुजारे के लिए प्रत्येक महीने आठ हजार रुपये देने का आदेश दिया था।

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Not more than eight thousand rupees for the maintenance of wife and children, the court rejected the husband's
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी और बच्चों के गुजारे के लिए आठ हजार रुपये अधिक नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में माना है कि पत्नी और बच्चों की देखभाल करना पति का कर्तव्य है। कोर्ट ने परिवार न्यायालय के आदेश के खिलाफ दाखिल अर्जी को अस्वीकार कर दिया। साथ ही निर्देश दिया कि तीन महीने में मामले का ट्रायल कोर्ट निस्तारित करने का प्रयास करे। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की अदालत ने नीरज कुमार की अर्जी पर यह आदेश दिया।

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सोनभद्र के नीरज कुमार की पत्नी कंचन देवी ने परिवार न्यायालय में गुजारा भत्ता के लिए वाद दाखिल किया था। न्यायालय ने आठ नवंबर 2023 के आदेश से पत्नी और बच्चों के गुजारे के लिए प्रत्येक महीने आठ हजार रुपये देने का आदेश दिया था। इस आदेश को आवेदक ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याची के वकील ने दलील दी कि आवेदक हर महीने 15-18 हजार रुपये ही कमा पाता है। इसमें से भी उसे माता-पिता की देखभाल करनी होती है। कोर्ट ने परिवार न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया। 

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