North Tech Symposium : आसमान में विनाशक की गर्जना, 800 किमी की रफ्तार से दुश्मनों के छूटेंगे छक्के
संगम नगरी में आयोजित नॉर्थ टेक सिंपोजियम में तकनीक और स्वदेशी ताकत का ऐसा संगम देखने को मिल रहा है, जिसने रक्षा विशेषज्ञों को भी हैरत में डाल दिया है। प्रदर्शनी में सबसे ज्यादा चर्चा उस विनाशक की हो रही है।
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संगम नगरी में आयोजित नॉर्थ टेक सिंपोजियम में तकनीक और स्वदेशी ताकत का ऐसा संगम देखने को मिल रहा है, जिसने रक्षा विशेषज्ञों को भी हैरत में डाल दिया है। प्रदर्शनी में सबसे ज्यादा चर्चा उस विनाशक की हो रही है, जिसकी रफ्तार और सटीक मारक क्षमता भविष्य के युद्धों की परिभाषा बदलने का दम रखती है। नवी मुंबई की आरआरपी एस4ई इनोवेशन लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया यह ड्रोन महज एक घंटे में 800 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। अपनी इसी असाधारण गति और आधुनिक सर्विलांस प्रणाली के कारण यह विनाशक ड्रोन पूरी प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
प्रदर्शनी में मौजूद कंपनी के विनय सिंह ने इस तकनीक की बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि विनाशक को गहन शोध और भारतीय सेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यह ड्रोन न केवल लंबी दूरी तय करने में सक्षम है, बल्कि दुर्गम इलाकों में छिपे दुश्मनों की टोह लेने और उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखने में भी बेजोड़ है। उन्होंने संकेत दिए कि वह दिन अब दूर नहीं है जब यह स्वदेशी ड्रोन भारतीय सेना के बेड़े का औपचारिक हिस्सा बनेगा।
इस महत्वपूर्ण तकनीक को लेकर कंपनी और सेना के उच्च अधिकारियों के बीच सकारात्मक वार्ता भी शुरू हो चुकी है। खास बात यह है कि इस ड्रोन में माइक्रो टर्बाइन इंजन लगा हुआ है। इस वजह से यह काफी ऊंचाई तक उड़ सकता है। सिम्पोजियम में विनाशक के साथ-साथ कंपनी ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता का एक और नमूना पेश किया है। इंजीनियरों के अनुसार, कंपनी ने एक ऐसा ड्रोन भी तैयार किया है जो 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भर सकता है। दिलचस्प बात यह है कि सेना पहले से ही इस कंपनी द्वारा निर्मित उन्नत थर्मल कैमरों का उपयोग कर रही है, जो रात के अंधेरे और खराब मौसम में भी सटीक निगरानी सुनिश्चित करते हैं। विनाशक जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि रक्षा क्षेत्र में भारत अब आत्मनिर्भरता की राह पर लंबी छलांग लगा रहा है।