फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   No attachment without proving the link between the crime proceeds and the property

High Court : अपराध की कमाई और संपत्ति के बीच संबंध साबित किए बिना कुर्की नहीं, 3 वाहनों को मुक्त करने का आदेश

Fri, 10 Jul 2026 04:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 10 Jul 2026 04:38 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत पैतृक संपत्ति और तीन वाहनों की कुर्की समाप्त कर उन्हें वैध स्वामियों को लौटाने का निर्देश दिया। कहा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करना एक असाधारण शक्ति है।

विज्ञापन
No attachment without proving the link between the crime proceeds and the property
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत पैतृक संपत्ति और तीन वाहनों की कुर्की समाप्त कर उन्हें वैध स्वामियों को लौटाने का निर्देश दिया। कहा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करना एक असाधारण शक्ति है। इसका प्रयोग तभी किया जा सकता है, जब यह ठोस साक्ष्यों से साबित हो कि संबंधित संपत्ति अपराध की कमाई से अर्जित की गई है। संदेह या अनुमान के आधार पर कुर्की का आदेश नहीं दिया जा सकता।

विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने अर्जुन जायसवाल व तीन अन्य की याचिका पर दिया। मामला गोरखपुर के बेलीपार थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे से जुड़ा है। पुलिस का आरोप था कि अर्जुन जायसवाल संगठित गिरोह का सदस्य है। उसने अपराध से अर्जित धन से चल-अचल संपत्तियां खरीदी हैं।
विज्ञापन


याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि मकान पैतृक है। कई पीढ़ियों से परिवार के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं। परिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिला था। कृषि और वैध व्यापार से भी आय होती रही है। तीनों वाहन बैंक ऋण के माध्यम से खरीदे गए थे और उनके सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने गोरखपुर के डीएम की ओर से 25 जनवरी 2021 को पारित कुर्की आदेश और विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) के 19 नवंबर 2022 के आदेश में संशोधन किया। कहा कि प्रशासन संपत्ति और अपराध की कमाई के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करने वाला साक्ष्य, जैसे बिक्री विलेख, बैंक लेनदेन, मूल्यांकन रिपोर्ट या अन्य स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका।


हालांकि, कोर्ट ने एक वाहन अन्य के नाम पर पंजीकृत होने के कारण उस पर कुर्की बरकरार रखी। उसके स्वामी ने न तो कोई आपत्ति दाखिल की और न ही कोर्ट में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने अपील आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए निचली अदालत के आदेश में संशोधन कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed