स्वामी निश्चलानंद बोले :भारत के हर नागरिक के पूर्वज सनातनी हिंदू, हिंदू राष्ट्र बनने में नहीं आनी चाहिए बाधा
पुरी के शंकराचार्य ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि ब्राह्मणों के ब्राह्मणत्व की रक्षा करना क्षत्रिय का कर्तव्य है। ब्राह्मण धर्म के मार्गदर्शक होते हैं। उनकी रक्षा के लिए भगवान अवतार लेते हैं। इसलिए उन्हें संयमित जीवन व्यतीत करना चाहिए।
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पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने मंगलवार को कहा कि भारत में रहने वाले हर नागरिक के पूर्वज सनातनी हिंदू थे। इसलिए भारत को हिंदू राष्ट्र बनने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। शंकराचार्य ने यह बातें मंगलवार को अपने नई झूंसी स्थित शिवगंगा आश्रम में भक्तों के प्रश्न के उत्तर में कहीं। शंकराचार्य बुधवार को भोपाल के लिए रवाना होंगे।
पुरी के शंकराचार्य ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि ब्राह्मणों के ब्राह्मणत्व की रक्षा करना क्षत्रिय का कर्तव्य है। ब्राह्मण धर्म के मार्गदर्शक होते हैं। उनकी रक्षा के लिए भगवान अवतार लेते हैं। इसलिए उन्हें संयमित जीवन व्यतीत करना चाहिए। ब्राह्मण संयमित जीवन व्यतीत करेगा तो उसी का सभी अनुसरण करेंगे। उनके आचरण का अनुसरण कर ही समाज और देश को सही और अच्छी दिशा प्राप्त हो सकेगी।
कहा कि हिंदुओं के मठ-मंदिर शुद्धता और शिक्षा के केंद्र होने चाहिए। सनातन धर्म के सवाल पर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि सभी के पूर्वज सनातनी हिंदू थे। इसलिए भारत को हिंदू राष्ट्र बनने में किसी को कोई विरोध नहीं होना चाहिए। समान नागरिक संहिता के सवाल पर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि जैसा व्यवहार हम दूसरों से चाहते हैं। वैसा ही व्यवहार हमें भी दूसरे के साथ करना चाहिए।
वैराग्य के सवाल पर उन्होंने कहा कि आशक्तता जीवन को अधीन बना देता है। जो विरक्त होता है, वह उससे मुक्ति पा लेता है। इस मौके पर प्रफुल्ल जी महाराज, सुरेश सिंह, विवेक मिश्र, नवीन शुक्ल, दिव्यकांत त्रिपाठी, आयुष सिंह, दीपक शुक्ल, नरेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।