प्रयागराज : मांडा में खेत से बरामद 139 करोड़ की एमडी का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला
मांडा के कोसड़ा कला में खेतों के बीच नर्सरी की आड़ में चल रही अवैध फैक्टरी से बरामद करीब 139 करोड़ रुपये की एमडी (मेथामफेटामाइन) ने नशे के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है।
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मांडा के कोसड़ा कला में खेतों के बीच नर्सरी की आड़ में चल रही अवैध फैक्टरी से बरामद करीब 139 करोड़ रुपये की एमडी (मेथामफेटामाइन) ने नशे के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इसकी सप्लाई यूपी तक ही सीमित नहीं थी। इसका नेटवर्क मुंबई और गुजरात समेत कई राज्यों तक फैला था।
पांच दिन पहले मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। खेत में करोड़ों रुपये की एमडी छिपाकर रखे जाने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नशे का कच्चा माल मांडा तक कैसे पहुंचा। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि खेत का इस्तेमाल केवल नशीले पदार्थ को अस्थायी रूप से छिपाने के लिए किया गया था या यहां से इसकी सप्लाई का कोई बड़ा नेटवर्क संचालित हो रहा था।
मुंबई और गुजरात तक पहुंचता था नेटवर्क
जांच में पता चला है कि एमडी की सप्लाई यूपी के अलावा मुंबई और गुजरात समेत कई राज्यों में की जाती थी। करोड़ों रुपये की एमडी की बरामदगी इस बात का संकेत है कि इसके पीछे संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नशीले पदार्थ की खेप कहां से आई, किसके निर्देश पर उसे यहां लाया गया।
पांच दिन बाद भी तस्करों का नहीं लगा सुराग
घटना के बाद पांच दिन भी स्थानीय पुलिस तस्करों के नेटवर्क का पता नहीं लगा सकी है। मांडा थाने की पुलिस के अलावा अन्य जांच एजेंसियां भी मामले की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं। स्थानीय पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस व्यक्ति या गिरोह की पहचान करना है, जिसने इतनी बड़ी मात्रा में नशे का कच्चा माल खेत तक पहुंचाया था।
जांच का बढ़ सकता है दायरा
मुंबई, गुजरात और उत्तर प्रदेश के अलावा उन राज्यों में भी जांच आगे बढ़ सकती है, जहां इस नेटवर्क के जरिये नशीले पदार्थ की सप्लाई होने की जानकारी सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में एमडी मांडा के खेत तक किसके जरिये पहुंची और इसके पीछे कौन लोग हैं।