प्रयागराज : एएमए में देश भर से जुटेंगे तीन सौ से अधिक टीबी विशेषज्ञ, दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस कल से
डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार ने टीबी मुक्त होने का बीड़ा उठाया है। टीबी और फेफड़े की बीमारी ऐसी है, जिससे श्वसन प्रक्रिया प्रभावित होती है।
विस्तार
17वें यूपी टीबी एंड चेस्ट कॉन्फ्रेंस (यूपीटीबीसीकॉन-2023) का शुभारंभ चार नवंबर से होगा। इसमें देशभर के 300 से अधिक टीबी विशेषज्ञ आएंगे। 100 से अधिक चिकित्सक शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। यह दो दिनी कॉन्फ्रेंस यूपी स्टेट टीबी एसोसिएशन और मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के संयुक्त प्रयासों से मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम और एएमए कन्वेंशन सेंटर में होगी। इसकी थीम ''''''''अपडेट इज स्ट्रेंथ'''''''' रखी गई है।
बृहस्पतिवार को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता, मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के प्रो. मनोज माथुर, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के मुखिया प्रो. आलोक चंद्रा, छाती रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. अमिताभ दास शुक्ला और एसोसिएट प्रोफेसर अभिषेक सिंह ने संयुक्त रूप से कॉन्फ्रेंस की विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार ने टीबी मुक्त होने का बीड़ा उठाया है। टीबी और फेफड़े की बीमारी ऐसी है, जिससे श्वसन प्रक्रिया प्रभावित होती है। अस्थमा और फेफड़े का कैंसर भी आम बात है। तमाम लोग जानकारी के अभाव या बीमारी छिपाने की मंशा से चिकित्सक के पास पहुंचने में देर कर देते हैं। इससे बीमारी बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में मरीज की जान बचाने की चुनौती रहती है।
डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि चार नवंबर को सुबह नौ से 12:30 बजे तक कार्यशाला होगी। इसमें ब्रोंकोस्कोपी और इंटरवेंशन पर अलग-अलग जिलों व राज्यों से आए वरिष्ठ चिकित्सक शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। टीबी के आगे बेअसर हुईं दवाओं पर भी चर्चा होगी। दोपहर दो से शाम छह बजे तक एलर्जी और इम्यूनोथेरेपी और एडवांस पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट पर विचारों का आदान प्रदान होगा।
दूसरे दिन की कार्यशाला में सुबह नौ से 10 बजे तक चलने वाले पहले सत्र में टीबी से बचाव पर वरिष्ठ चिकित्सक चर्चा करेंगे। दूसरा सत्र 10 से 11 बजे तक चलेगा। इसमें न्यू इन्साइट्स नेबुलाइजेशन थेरेपी पर पैनल डिस्कशन होगा। 11 से 12 बजे तक तीसरे सत्र में मल्टी ड्रग रजिस्टेंस टीबी पर चर्चा होगी। 12 से एक बजे तक 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के संबंध में डॉ. राजेंद्र प्रसाद विचार व्यक्त करेंगे।