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विधायक विजय मिश्रा को फिलहाल राहत, मिला पक्ष रखने का मौका
Wed, 28 Oct 2020 11:34 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 28 Oct 2020 11:34 PM IST
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prayagraj news : विधायक विजय मिश्रा का पांच मंजिला भवन।
- फोटो : prayagraj
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विधायक विजय मिश्रा को बाघंबरी गद्दी स्थित भवन के ध्वस्तीकरण मामले में फिलहाल राहत मिल गई है। बुधवार को सुनवाई के बाद मंडलायुक्त ने ध्वस्तीकरण का प्रकरण वापस प्रयागराज विकास प्राधिकरण को भेजा और अपीलकर्ता का पक्ष सुनकर नए सिरे से निर्णय पारित करने का आदेश दिया। अपीलकर्ता को पक्ष रखने के लिए दो नवंबर तक का समय दिया।
पांच मजिला इस भवन के भूतल पर दुकानें हैं तथा ऊपर के चार मंजिल में फ्लैट हैं। नक्शा स्वीकृति नहीं होने के आधार पर इलाहाबाद (प्रयागराज) विकास प्राधिकरण ने 2007 में ही ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। अब गैंगस्टर ऐक्ट के तहत माफियाओं की संपत्ति के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी क्रम में विजय मिश्रा की इस संपत्ति के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। इस मामले में दाखिल याचिका को निस्तारित करते हुए उच्च न्यायालय ने अपीलीय प्राधिकारी के यहां अपील करने का आदेश दिया था।
इसी परिप्रेक्ष्य में अपीलकर्ता ने मंडलायुक्त के यहां अपील की। बुधवार को दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मंडलायुक्त ने अपीलकर्ता को दो नवंबर तक पीडीए के जोनल अधिकारी के सामने पक्ष रखने का आदेश दिया। मंडलायुक्त ने आदेश दिया है कि अपीलकर्ता को पूर्व में निर्गत नोटिस तामील कराने में निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया गया। इसके अलावा 2007 यानी, अब 13 वर्ष बाद कार्रवाई के आदेश को अमल में लाया जा रहा है। उन्होंने आदेश दिया कि अब पूरा प्रकरण अपीलकर्ता के संज्ञान में है।
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इसलिए अपीलकर्ता दो नवंबर तक जोनल अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित हों। जोनल अधिकारी को भी सुनवाई के बाद छह नवंबर तक संशोधित निर्णय पारित करने का आदेश दिया। मंडलायुक्त ने आदेश दिया कि कि अपीलकर्ता यदि दो नवंबर तक अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं होती हैं तो जोनल अधिकारी दिसंबर 2007 में पारित आदेश के क्रम में कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होंगे।
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पांच मजिला इस भवन के भूतल पर दुकानें हैं तथा ऊपर के चार मंजिल में फ्लैट हैं। नक्शा स्वीकृति नहीं होने के आधार पर इलाहाबाद (प्रयागराज) विकास प्राधिकरण ने 2007 में ही ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। अब गैंगस्टर ऐक्ट के तहत माफियाओं की संपत्ति के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी क्रम में विजय मिश्रा की इस संपत्ति के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। इस मामले में दाखिल याचिका को निस्तारित करते हुए उच्च न्यायालय ने अपीलीय प्राधिकारी के यहां अपील करने का आदेश दिया था।
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इसी परिप्रेक्ष्य में अपीलकर्ता ने मंडलायुक्त के यहां अपील की। बुधवार को दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मंडलायुक्त ने अपीलकर्ता को दो नवंबर तक पीडीए के जोनल अधिकारी के सामने पक्ष रखने का आदेश दिया। मंडलायुक्त ने आदेश दिया है कि अपीलकर्ता को पूर्व में निर्गत नोटिस तामील कराने में निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया गया। इसके अलावा 2007 यानी, अब 13 वर्ष बाद कार्रवाई के आदेश को अमल में लाया जा रहा है। उन्होंने आदेश दिया कि अब पूरा प्रकरण अपीलकर्ता के संज्ञान में है।
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इसलिए अपीलकर्ता दो नवंबर तक जोनल अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित हों। जोनल अधिकारी को भी सुनवाई के बाद छह नवंबर तक संशोधित निर्णय पारित करने का आदेश दिया। मंडलायुक्त ने आदेश दिया कि कि अपीलकर्ता यदि दो नवंबर तक अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं होती हैं तो जोनल अधिकारी दिसंबर 2007 में पारित आदेश के क्रम में कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होंगे।