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जांच के लिए गई वाणिज्य कर की टीम के साथ बदसलूकी, देर रात तक चली कार्रवाई
Sat, 28 Nov 2020 11:49 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 28 Nov 2020 11:49 PM IST
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टैक्स
- फोटो : pixabay
वाणिज्य कर विभाग की टीम ने शनिवार को रोशनबाग स्थित सिगरेट, बीड़ी, गुटका, किराना के प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। इस दौरान उनके साथ बदसलूकी भी हुई। टीम के सदस्यों का आरोप है कि उन पर हमले की भी कोशिश की गई। फिर फोर्स की मौजूदगी में दोबारा कार्रवाई की गई जो देर रात तक चली। गोदाम में 15 से 20 लाख रुपये का माल होने की बात कही जा रही है, जिसका संचालक कोई कागजात नहीं दिखा पाया। अफसरों के अनुसार संचालक ने 12 लाख रुपये तक कर चोरी की बात खुद स्वीकार की है।
विभाग को कर चोरी की शिकायत मिली थी। इसके बाद विभाग के एसबीआईडी की टीम दिन में करीब ढाई बजे कार्रवाई के लिए पहुंची। अफसरों के अनुसार जांच की प्रक्रिया पूरी होने वाली थी लेकिन संचालक दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इसे लेकर विवाद बढ़ गया और धीरे-धीरे कई व्यापारी पहुंच गए। अफसरों के अनुसार उन्होंने बदसलूकी करने के साथ हमला करने की भी कोशिश की।
इसके बाद अफसरों ने फोर्स बुला ली। फोर्स की मौजूदगी में बात चल रही थी कि संचालक प्रतिष्ठान में ताला लगाकर भाग गया। इसके बावजूद अफसर डटे रहे। वहां पहुंचे व्यापारी नेताओं के साथ घंटों वार्ता चली। इसके बाद रात में प्रतिष्ठान का ताला खोला गया और फिर कार्रवाई शुरू की गई, जो देर रात तक चली। अफसरों के अनुसार प्रतिष्ठान में 15 से 20 लाख का माल है, जिसका संचालक के पास कोई प्रपत्र नहीं था।
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अफसरों का कहना है कि संचालक ने 12 लाख रुपये के कर चोरी की बात स्वीकार की है। जांच की जा रही है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि वास्तविक रूप में कितने की कर चोरी हुई है। टीम में एडिशनल कमिश्नर अनंत कुमार की अगुवाई में ज्वाइंट कमिश्नर मोनू त्रिपाठी, डिप्टी कमिश्नर हेमंत कुमार, मुकेश कुमार आदि शामिल रहे।
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विभाग को कर चोरी की शिकायत मिली थी। इसके बाद विभाग के एसबीआईडी की टीम दिन में करीब ढाई बजे कार्रवाई के लिए पहुंची। अफसरों के अनुसार जांच की प्रक्रिया पूरी होने वाली थी लेकिन संचालक दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इसे लेकर विवाद बढ़ गया और धीरे-धीरे कई व्यापारी पहुंच गए। अफसरों के अनुसार उन्होंने बदसलूकी करने के साथ हमला करने की भी कोशिश की।
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इसके बाद अफसरों ने फोर्स बुला ली। फोर्स की मौजूदगी में बात चल रही थी कि संचालक प्रतिष्ठान में ताला लगाकर भाग गया। इसके बावजूद अफसर डटे रहे। वहां पहुंचे व्यापारी नेताओं के साथ घंटों वार्ता चली। इसके बाद रात में प्रतिष्ठान का ताला खोला गया और फिर कार्रवाई शुरू की गई, जो देर रात तक चली। अफसरों के अनुसार प्रतिष्ठान में 15 से 20 लाख का माल है, जिसका संचालक के पास कोई प्रपत्र नहीं था।
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अफसरों का कहना है कि संचालक ने 12 लाख रुपये के कर चोरी की बात स्वीकार की है। जांच की जा रही है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि वास्तविक रूप में कितने की कर चोरी हुई है। टीम में एडिशनल कमिश्नर अनंत कुमार की अगुवाई में ज्वाइंट कमिश्नर मोनू त्रिपाठी, डिप्टी कमिश्नर हेमंत कुमार, मुकेश कुमार आदि शामिल रहे।